आज शनिवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल का रेट 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। मई के महीने के बाद पहली बार इस स्तर पर क्रूड ऑयल का रेट पहुंचा है। बता दें, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 3.7 प्रतिशत का इजाफा देखा गया है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों की वजह से यह बढ़ोतरी कीमतों में देखने को मिल रही है। अगर कीमतों में कई नहीं आई तो त्योहारों के बाद घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल का रेट बढ़ाया जा सकता है। इस साल पहले ही सरकारी तेल कंपनियों ने 7.5 प्रति लीटर तक पेट्रोल-डीजल के रेट में इजाफा किया है। हूती का हमला जारी
सउदी अरब पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का हमला जारी है। मिसाइल और ड्रोन अटैक लगातार किए जा रहे हैं। वहीं, रूस और यूक्रेन के बीच जैसे को तैसा वाला व्यवहार चल रहा है।
ट्रंप के फैसले के खिलाफ आया बिल
पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के साथ डीजल खरीदने को लेकर ऐलान किया था। लेकिन इस डील के विरोध में अमेरिकी सांसदों का एक समूह आ गया है। जिसने शुक्रवार को एक बिल पेश किया। इस विधेयक का मकसद अमेरिका और रूस के तेल समझौते को रोकना है। बता दें, रूसी डीजल को बाहर रखने की वजह से दुनिया भर में आपूर्ति को बनाए रखने के लिए अन्य रिफाइनरियों को अपना उत्पादन बढ़ाना होगा। हालांकि, ट्रम्प इस डील को लेकर आश्वस्त हैं। उन्होंने फिर से डील के पूरा होने की बात कही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में रूस के रियाजन तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ है। जिसकी वजह से वहां काम-काज रोकना पड़ा था। इस घटना के बाद इस बात का संदेह बढ़ गया है कि क्या यह समझौता हो पाएगा या नहीं।
ईरान के खिलाफ हो सकता है बड़े बॉम्ब का प्रयोग
न्यूज मैक्स को हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि 3 नवंबर के चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ बड़ा बम्ब इस्तेमाल ना करने से इनकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि मदर ऑफ आल बॉम्ब का प्रयोग किया जा सकता है। सीएनएन ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट में कहा था कि अमेरिका ने एक ऐसा हमले की योजना बनाई है जिसमें GBU-43/B मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट बॉम्ब का इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ समूहों का मानना है कि आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ सकता है। अगर ऐसा हुआ तो कच्चे तेल का रेट और बढ़ सकता है। ऐसे में भारत के लिए यह एक चिंताजनक बात होगी।




























































