मोहम्मद कैफ ने उन लोगों की क्लास लगाई है, जो अभिषेक शर्मा को नीचा दिखाने का काम करते

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टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने न्यूजीलैंड के खिलाफ आग उगलने वाले अभिषेक शर्मा की जमकर तारीफ की। कैफ ने उन लोगों पर भी निशाना साधा, जो अभिषेक शर्मा को फ्लैट ट्रैक का प्लेयर बताते हैं या फिर ब्लाइंड स्लॉगर उन्हें कहते हैं। मोहम्मद कैफ का मानना है कि एक ही महीने में उन्होंने दिखा दिया है कि वे अलग परिस्थियों में भी बड़ी पारी खेल सकते हैं और लोग अब ये कहना बंद कर दें कि वे पाटा पिचों पर खेलकर रन बनाते हैं। न्यूजीलैंड की कंडीशन्स बल्लेबाजी के अनुकूल नहीं मानी जातीं, जहां उन्होंने 35 गेंदों में शतक ठोका था और महज 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया था। मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर अभिषेक शर्मा की जमकर तारीफ की और कहा, “पहले तो लोग ये बोलना बंद कर दें कि अभिषेक शर्मा फ्लैट ट्रैक का प्लेयर है। उनको पाटा पिच चाहिए। उनके लिए सीधी बॉल बैट पर आए, तो उनके साथ ऐसा नहीं है। एक महीने में आपने देखा होगा कि उन्होंने दो ऐसी पारियां कठिन परिस्थितियों में खेली हैं। जापान में एशियन गेम्स के फाइनल में आपको याद होगा उन्होंने रन बनाए मुश्किल पिच पर। वहां स्पिनर डॉमिनेट कर रहे थे। स्पिनर ही बॉलिंग कर रहे थे। उन्हें मदद मिल रही थी। वहां उन्होंने अच्छी पारी खेली। मैच विनिंग पारी खेली।” उन्होंने आगे कहा, “अब आजाओ न्यूजीलैंड पर तो यहां भी अब लोग बात करते हैं कि यहां बैटिंग कंडीशन्स हैं। अरे भाई यहां बैटिंग कंडीशन नहीं हैं। दो अलग-अलग कंडीशन में अभिषेक शर्मा ने दिखाया है कि वो अलग-अलग हालातों में बल्लेबाजी कर सकते हैं। कंडीशन्स को अडैप्ट करके इम्पैक्टफुल पारियां खेल सकते हैं। मैं तो हरगिज यह मानने के लिए तैयार नहीं हूं। इसका श्रेय बल्लेबाज को मिलना चाहिए। उसने इतनी मेहनत की है और इसका फल मिल रहा है तो इसकी चर्चा और इसकी तारीफ होनी चाहिए।” कैफ ने अपने वीडियो में आगे कहा, “हम कंडीशन अप्लाई कर देते हैं कि छोटा ग्राउंड है। पाटा पिच है। अरे भाई नहीं है ऐसा, जो बैटिंग अभिषेक शर्मा कर रहे हैं। न्यूजीलैंड की अच्छी टीम है। किसी हल्की टीम के सामने नहीं खेल रहे हैं वो, जहां 30-35 बॉल में शतक मार दें। ठंड है वहां पर, अलग कंडीशन हैं। इंडिया से बिल्कुल विपरीत परिस्थितियां हैं वहां पर। लोग वहां जैकेट पहनकर खेलते हैं। लेट नाइट वहां मैच चल रहा है। हवाएं चलती हैं वहां। बल्लेबाजी करना आसान नहीं है। ”

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