सोशल मीडिया पर एक मजेदार वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सरकारी स्कूल की टीचर और बच्चे हिंदी फिल्मों के मशहूर डायलॉग्स को अवधी भाषा में बोलते नजर आ रहे हैं। इंस्टाग्राम रील्स पर @teacherprabha अकाउंट से शेयर किए गए इस क्लिप में दबंग फिल्म का प्रसिद्ध डायलॉग “थप्पड़ से डर नहीं लगता, साहब; प्यार से लगता है” का अवधी अंदाज सुनकर लोग लोट-पोट हो रहे हैं। वीडियो का कैप्शन है- “नीक नीक गोड़ ” दिया गया है। बच्चों के अंदाज ने लूटी महफिल
वीडियो में छोटे-छोटे बच्चे और टीचर प्रभा गुप्ता क्लासरूम जैसे माहौल में फिल्मी डायलॉग्स को अपनी मातृभाषा अवधी में ढालकर पेश करते हैं। अवधी उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र की लोकप्रिय बोली है, जो लखनऊ, अयोध्या, फैजाबाद और आसपास के जिलों में बोली जाती है। बच्चों की मासूम आवाज और अवधी अंदाज में बोले गए डायलॉग्स इतने कॉमिक हैं कि देखने वाले हंसते-हंसते लोटपोट हो जाते हैं। खासकर लास्ट वाले बच्चे या लड़की की डायलॉग डिलीवरी को यूजर्स ने “चौचक (शानदार)” बताया है।
एक-एक डायलॉग है मजेदार
वीडियो में टीचर बच्चों को हिन्दी डायलॉग बताती हैं और बच्चे उसे अवधी में बोलते नजर आते हैं। बच्चों द्वारा इन डायलॉग्स को अवधी में सुनाया गया है: ‘मेरे पास मां है,’ ‘ये हसीन पैर जमीन पर न रखो मैले हो जाएंगे,’ ‘सारा शहर मुझे लॉयन के नाम से जानता है,’ ‘जो डर गया समझो मर गया,’ ‘डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है,’ और ‘थप्पड़ से डर नहीं लगता प्यार से लगता है।’ यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
टीचर प्रभा गुप्ता सरकारी स्कूल में पढ़ाती हैं और अपने रील्स के जरिए बच्चों की प्रतिभा और स्थानीय भाषा को बढ़ावा देती नजर आती हैं। वीडियो में बच्चे बड़े आत्मविश्वास से डायलॉग्स बोलते हैं। अवधी में डायलॉग कुछ इस अंदाज में बदल जाते हैं कि मूल हिंदी वाला मजा और भी बढ़ जाता है। लोग कमेंट्स में लिख रहे हैं कि मातृभाषा को बढ़ावा देने का ये तरीका बेहतरीन है।
एक यूजर ने कहा- “थैंक यू मैडम वर्ना आज मातृभाषा पर लोगों को शर्म आती है बताओ! पर आपका थैंक यू मैम आपके प्रयास को सलाम।”
दूसरे ने लिखा- “पहला और आखिर मजेदार है।”
कुछ ने बच्चों की क्यूटनेस की तारीफ की। एक कमेंट में कहा गया- “आखिरी वाली लड़की का अंदाज चौचक है।” वीडियो में हंसी-मजाक का माहौल साफ दिखता है और टीचर का बच्चों के साथ सहज रिश्ता भी उभरता है।
भाषाई ज्ञान का अनोखा तरीका
यह वीडियो सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि भाषा संरक्षण का भी उदाहरण बन रहा है। आजकल कई युवा अंग्रेजी या शुद्ध हिंदी की ओर ज्यादा झुकते हैं, लेकिन ऐसे क्लिप्स अवधी जैसी बोलियों को जीवित रखने में मदद करते हैं। फिल्मी डायलॉग्स को लोक भाषा में ढालने का ट्रेंड पहले भी रहा है, लेकिन बच्चों और टीचर के कॉम्बिनेशन ने इसे खास बना दिया। अवधी वर्जन में यह और भी देसी और मजेदार लग रहा है। ऐसे वीडियो सरकारी स्कूलों की सकारात्मक छवि भी बनाते हैं। अक्सर सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं, लेकिन टीचर्स के ऐसे क्रिएटिव तरीके से बच्चों को एंगेज करने में मदद मिलती है।
गौरतलब है कि, इससे पहले ‘तारे गिन-गिन…’ गाने पर स्टूडेंट्स की धमाकेदार परफॉर्मेंस का वीडियो वायरल हुआ था।






























































