शाहजहांपुर, विधि संवाददाता। ,,शाहजहांपुर में जिला न्यायालय परिसर स्थित बंदी गृह में शुक्रवार दोपहर बेचेलाल के 20 वर्षीय पुत्र दीपक उर्फ टाइमपास ने गमछे से फंदा लगाकर जान दे दी। वह पॉक्सो के मामले में छह अक्तूबर से जिला कारागार में बंद था। रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए पेशी पर उसे कोर्ट लाया गया था। मौत के बाद परिजनों की तहरीर पर पॉक्सों का मुकदमा दर्ज कराने वाले परिवार के चार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
मूलरूप से पीलीभीत जिले के पिपरिया गांव का रहने वाला दीपक पुवायां थाना क्षेत्र के बितौनी में टकेली मोड़ के पास मकान बनाकर रह रहा था। वह पॉक्सो के एक मामले में छह अक्तूबर 2026 से जिला कारागार में बंद था। शुक्रवार को रिमांड अवधि पूरी होने पर उसे आगे की रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जाना था। जेल से वह ही गमछे के साथ वाहन में बैठा। कोर्ट पहुंचने के बाद पेशी से पहले उसे कोर्ट परिसर स्थित बंदी गृह में रखा गया था। इसी दौरान दोपहर करीब एक बजे उसने शौचालय जाने की बात कही। आरोप है कि वहां उसने रोशनदान के सहारे अपने गमछे से फंदा लगाकर जान दे दी। कुछ देर बाद घटना की जानकारी होने पर पुलिसकर्मियों में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना पर एसपी सिटी देवेंद्र कुमार और सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम को भिजवा दिया। पुलिस ने दीपक के पिता की तहरीर पर पॉक्सों का मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला समेत चार लोगों पर तीन लाख रुपये देने पर बेटी को संग भेजने पर बेटे को जेल में सड़ाने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है एसपी सिटी, देवेंद्र कुमार ने कहा कि बंदी की कोर्ट परिसर स्थित बंदी गृह में संदेहास्पद स्थिति में मौत की सूचना थी। प्रथमदृष्टया जांच करने पर गमछे से फंदा लगाकर जान देने की बात सामने आई है। परिजनों की तहरीर पर प्रताड़ित कर आत्महत्या को उकसाने का चार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आगे की जांच जारी है।
जेल अधीक्षक, जेपी तिवारी ने कहा कि बंदियों और कैदियों को जेल मैनुअल के अनुसार ही चीजें इस्तेमाल करने के लिए दी जाती है। मैनुअल में ही गमछा साथ रखने की अनुमति है। इसी के तहत दीपक के पास भी गमछा था। बाकी पूरी तरह जांच के बाद ही जेल से बंदियों को निकाला गया था। भट्ठे पर काम करता है परिवार 15 साल से पुवायां में रह रहा
दीपक उर्फ टाइमपास का परिवार मूलरूप से पीलीभीत जिले के बरखेड़ा थाना अंतर्गत पिपरिया गांव का रहने वाला है। पिता बेचेलाल ईंट-भट्ठे पर ट्रैक्टर चलाते हैं। परिवार भट्ठे पर काम करते थे। 15 साल पहले परिवार ने पुवायां के बितौनी में मकान बना लिया था। दीपक तीन भाइयों में सबसे छोटा था। मां गीता देवी हैं, बहन किरन शुक्रवार को घर पर थी। दीपक की मौत से परिवार में मातम पसरा है।
मूल रूप से बरखेड़ा के गांव पिपरिया मंडन निवासी दीपक उर्फ टाइमपास का परिवार करीब 10 साल पहले पीलीभीत के बरखेड़ा क्षेत्र से शाहजहांपुर जाकर बस गया था। परिवार ईंट-भट्ठे पर काम करने के लिए पुवायां क्षेत्र में आया था। इसके बाद से दीपक अपने परिजनों के साथ बितौनी में टकेली मोड़ के पास रहने लगा था।
बताया गया कि परिवार का गांव से ज्यादा जुड़ाव नहीं था। त्योहारों के अवसर पर ही परिवार के लोग गांव आते-जाते थे। रोजी-रोटी की तलाश में शाहजहांपुर आए परिवार ने यहीं अपना ठिकाना बना लिया था। दीपक भी परिवार के साथ यहीं रह रहा था। पॉक्सो के मामले में जेल जाने के बाद शुक्रवार को उसे रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए जिला न्यायालय में पेशी पर लाया गया था। इसी दौरान न्यायालय परिसर स्थित बंदी गृह में उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। ग्रामीणों ने बताया कि परिवार के शाहजहांपुर चले जाने के बाद स्थानीय लोगों से बातचीत भी कम होती थी। मृतक दीपक की मां गीता देवी, पिता बेंचेलाल, बड़ा भाई राम मिलन, मझला भाई संजय कुमार,बहन किरन देवी और मृतक के एक चाचा राम फूल हैं। सभी साथ में शाहजहांपुर जिले के पुवायां तहसील के धारा में एक भट्ठे पर ईंट ढुलाई का कार्य करते हैं। यहां इनका एक मकान है और कोई जमीन नहीं है। कभी कभी त्योहार पर दीपक आता था। मृतक दीपक के बड़े भाई की शादी हो चुकी है।




























































