विषयों को अलग-अलग अध्यायों में शामिल किया गया है, ताकि छात्रों को उन्हें समझने और इस्तेमाल करने का मौका मिले NCERT की कक्षा 9वीं की गणित की ड्राफ्ट किताब और सिलेबस में बदलाव को लेकर उठ रहे सवालों पर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने सफाई दी है. परिषद ने स्पष्ट किया है कि गणित के किसी बड़े टॉपिक को सिलेबस से हटाया नहीं गया है. कुछ विषयों को अलग-अलग अध्यायों में शामिल किया गया है, ताकि छात्रों को उन्हें एक से ज्यादा संदर्भ में समझने और इस्तेमाल करने का मौका मिले.
NCERT ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल जारी किया गया सिलेबस अंतिम नहीं है. इसे शिक्षकों, छात्रों, लेखकों और दूसरे शिक्षाविदों के सुझाव लेने के लिए एक ड्राफ्ट के तौर पर जारी किया गया था. प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम सिलेबस अक्टूबर में एनसीईआरटी-सीबीएसई की ओर से जारी की जाने की उम्मीद है.
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लाइंस एंड एंगल्स को लेकर क्या कहा NCERT ने
कक्षा 9वीं के गणित के ड्राफ्ट में लाइंस एंड एंगल्स को लेकर अध्याय के तौर पर नहीं रखने को लेकर सवाल उठे थे. एनसीईआरटी ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि इस विषय से जुड़े कॉन्सेप्ट हटा दिए गए हैं. परिषद के अनुसार लाइंस एंड एंगल्स से जुड़े जरूरी विचार और उनके इस्तेमाल को कक्षा 9वीं के पार्ट 2 में प्रीपोजिशन एंड देयर कन्वर्जन और क्वाड्रिलेटरल्स जैसे अध्यायों के माध्यम से शामिल किया गया है. साथ ही कक्षा 6 की गणिता प्रकाश किताब में लाइंस एंड एंगल्स का अध्याय पहले से मौजूद है .
यूक्लिडियन ज्योमेट्री के चैप्टर पर भी दी सफाई
यूक्लिडियन ज्योमेट्री को लेकर भी ड्राफ्ट सिलेबस पर सवाल उठे थे. एनसीईआरटी ने बताया कि इस हिस्से से जुड़े कॉन्सेप्ट, जैसे पॉलिगंस, सर्कल्स और पैरेलल लाइंस और इंटरकेक्टिंग लाइंस कक्षा 9वीं की किताब के अलग-अलग अध्यायों में शामिल है. परिषद के अनुसार ये विषय चैप्टर 5, 6, 9, 12 और 13 में पढ़ाए जाएंगे. शिक्षकों और एक्सपर्ट्स से चर्चा के बाद पारंपरिक तरीके से प्रमेय और प्रमाण पर आधारित एक अलग और अमूर्त अध्याय रखने के बजाय इन अवधारणाओं को अलग-अलग अध्यायों में समझाने का तरीका अपनाया गया है. एनसीईआरटी का कहना है कि इससे छात्रों को सिर्फ प्रमेय और प्रमाण याद करने के बजाय ज्योमेट्री के कांसेप्ट को अलग-अलग परिस्थितियों में समझने और लागू करने में मदद मिलेगी.
9वीं मैथ्स में क्यों जोड़े गए एल्गोरिथम
ड्राफ्ट सिलेबस में एल्गोरिदम को शामिल किए जाने को लेकर भी चर्चा हुई. एनसीईआरटी ने इसका संबंध तेजी से बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटेशनल थिंकिंग से बताया है. परिषद के अनुसार आज के दौर में छात्रों के लिए एल्गोरिदम, डेटा स्ट्रक्चर और रनिंग टाइम एफिशिएंसी जैसी गणितीय अवधारणाओं को समझना जरूरी हो गया है. यह एनईपी 2020 में कंप्यूटेशनल थिंकिंग पर भी जोर दिया गया है. एनसीईआरटी ने बताया कि एआई पर एक अलग मॉड्यूल भी तैयार किया जा रहा है. लेकिन एआई के पीछे काम करने वाली गणितीय अवधारणाओं को गणित की कक्षा में समझाना भी जरूरी माना गया है. इस वजह से कक्षा 9 में एल्गोरिथम से जुड़ा अध्याय शामिल किया गया है.
सिर्फ चैप्टर गिनने से तय नहीं होगा सिलेबस
एनसीईआरटी ने यह भी कहा की नई शिक्षा व्यवस्था में किसी विषय को सिर्फ इस आधार पर नहीं समझा जाना चाहिए कि उसकी किताब में कितने अध्याय हैं. एनईपी 2020 और एनसीएफ-एसई 2023 के तहत पाठ्यक्रम को करिकुलर गोल्स और लर्निंग आउटकम के आधार पर तैयार किया गया है. करिकुलम गोल्स विषय के व्यापक उद्देश्यों को बताते हैं. वहीं योग्यता से यह होता है कि छात्र क्या हासिल करने में सक्षम है और लर्निंग आउटकम्स पढ़ाई और मूल्यांकन के दौरान हासिल किए जाने वाले परिणामों को स्पष्ट































































