जम्मू-कश्मीर में पीएचई विभाग के 61 हजार से ज्यादा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया.

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यही नहीं 21 सितंबर से पूरे राज्य में पानी की सप्लाई रोकने की चेतावनी दी है. जम्मू-कश्मीर में PHE विभाग के बहुत सारे दिहाड़ी और कैज़ुअल कर्मचारियों ने आज श्रीनगर और दूसरी जगहों पर J&K सरकार के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं को हल करने की अपील की और चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे पूरे J&K में पीने के पानी की सप्लाई रोक देंगे.

कर्मचारियों का दावा है कि पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग (PHE) विभाग में 61 हज़ार से ज़्यादा कैज़ुअल और दिहाड़ी कर्मचारी रेगुलर होने का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर कर रही है. कर्मचारियों ने चेतावनी दी, “हमें पूरे J&K में पानी की सप्लाई रोकने के लिए मजबूर न करें.”

शेर-ए-कश्मीर पार्क में किया प्रदर्शन 

जम्मू-कश्मीर कैज़ुअल/डेली वेजर्स फोरम (JKCDF) ने शुक्रवार को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर पार्क में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से कैज़ुअल और दिहाड़ी कर्मचारियों की इन लंबे समय से लंबित समस्याओं को हल करने की अपील की.

कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर 21 सितंबर – विधानसभा के ऑटम सेशन का पहला दिन तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे सड़कों पर उतरेंगे और पूरे केंद्र शासित प्रदेश (UT) में पानी की सप्लाई रोक देंगे.

कर्मचारियों की समस्याओं को जल्द सुधारने पर जोर 

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व J&K कैज़ुअल/डेली वेजर्स फोरम के प्रेसिडेंट सज्जाद अहमद पर्रे ने किया. उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण है और इसका मकसद सरकार को कर्मचारियों की चिंताओं और शिकायतों की याद दिलाना है.

न्यूज़ एजेंसी ‘कश्मीर न्यूज़ ऑब्ज़र्वर’ (KNO) से बात करते हुए पर्रे ने कहा, “हम सरकार को एक बार फिर याद दिलाना चाहते हैं कि यह एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन है. हम सरकार से कहना चाहते हैं कि हमें पानी की सप्लाई रोकने का फैसला लेने के लिए मजबूर न करे.” उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर किया जा रहा है, साथ ही उन्होंने सरकार से दखल देने और उनकी समस्याओं को हल करने की अपील की.

उन्होंने कहा, “हम कर्मचारी हैं और हमारा काम लोगों की सेवा करना है. हम सरकार से अपील करते हैं कि हमें पानी की सप्लाई रोकने का फैसला लेने के लिए मजबूर न करे. जिस दिन ऐसा होगा, उस दिन यहाँ पानी की एक बूंद भी नहीं बहेगी.”

पर्रे ने कहा कि फोरम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से कैज़ुअल और दिहाड़ी कर्मचारियों की चिंताओं को उठाना जारी रखेगा और सरकार से अपील करेगा कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और उनकी शिकायतों को दूर करने के लिए कदम उठा

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