हालांकि, खेल मंत्रालय ने 11 सितंबर को एक अपडेट जारी किया, जिसमें पहले से घोषित टीम की मेंबर दिव्यांशी चौधरी को बाहर कर नाओरेम रोशिबीना देवी को शामिल कर लिया गया है। इसके बाद दिव्यांशी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह रोते हुए कह रही हैं कि उन्हें गलत तरीके से टीम से बाहर कर दिया गया है।
राजस्थान के कोटा की रहने वाली दिव्यांशी ने करीब 9 मिनट के वीडियो में वुशु फेडरेशन पर कई सवाल उठाए हैं। वीडियो में दिव्यांशी रोती नजर आ रही हैं और वे कह रही हैं- मां-पापा माफ करना, सुसाइड की बात कर रही हूं।
अंत में उन्होंने घर की छत की ओर कैमरा किया और कहा कि यह उनका आखिरी वीडियो है। दिव्यांशी ने कहा कि उन्हें एशियन गेम्स के लिए भारतीय जर्सी भी दे दी गई थी। लेकिन, आखिरी वक्त में उनका नाम काट दिया गया। फेडरेशन कह रहा चोटिल, दिव्यांशी ने खुद को फिट बताया
वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने इस बारे में पूछे जाने पर बताया कि दिव्यांशी चोटिल हैं। उन्हें एशियन गेम्स में नहीं भेजा जा रहा है।
दिव्यांशी का कहना है कि एशियन गेम्स की तैयारी के लिए श्रीनगर में 10 दिन का कैंप हुआ था। इसी दौरान रोशीबीना के साथ मुकाबले में उनके कंधे में चोट लगी थी। चोट के कारण उन्होंने 4-5 दिन अभ्यास नहीं किया, लेकिन बाद में रिकवर होकर दोबारा खेला। इसके बाद वह इंटरनेशनल टूर्नामेंट में भी गईं।
दिव्यांशी ने बताया कि उन्होंने डॉक्टर को चोट दिखाई थी। डॉक्टर ने उन्हें टेपिंग के साथ खेलने की सलाह दी थी। वह यह भी कहती हैं कि उनकी MRI रिपोर्ट कोच और फेडरेशन के पास थी और डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन में उन्हें खेलने के लिए सक्षम बताया गया था।
दिव्यांशी की रिपोर्ट निजी डॉक्टर की, SAI की अलग रिपोर्ट
जितेंद्र सिंह का कहना है दिव्यांशी जिस रिपोर्ट के आधार पर खुद को फिट बता रही हैं वह निजी डॉक्टर की है। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की अलग मेडिकल रिपोर्ट है। इसके मुताबिक दिव्यांशी पूरी तरह फिट नहीं है। एशियन गेम्स में मेडल जीतना हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य है, इसलिए अनफिट खिलाड़ी को नहीं भेजा सकता था।
फाइनल ट्रायल में रोशीबीना को हराया, फिर भी नाम कट गया
दिव्यांशी का दावा है कि जून में हुए एशियन गेम्स के फाइनल सिलेक्शन ट्रायल में उन्होंने 60 किग्रा वर्ग में दो बार की एशियन गेम्स मेडलिस्ट रोशीबीना देवी को हराया था।
उनका कहना है कि ट्रायल में बेहतर प्रदर्शन करने के बावजूद उनका नाम टीम से हटा दिया गया। दिव्यांशी सवाल उठाती हैं कि जब उन्होंने फाइनल ट्रायल में रोशीबीना को हराया था, तो फिर उन्हें एशियन गेम्स में खेलने का मौका क्यों नहीं दिया गया। वीडियो में बोलीं- ‘मां-पापा माफ करना’
वीडियो के आखिरी हिस्से में दिव्यांशी भावुक हो जाती हैं। वह अपने माता-पिता से माफी मांगती हैं और कहती हैं कि उन्होंने कभी सुसाइड नहीं करना चाहा, लेकिन अब उन्हें ऐसा करना पड़ेगा।
इसके बाद वह अपने माता-पिता को प्यार करने की बात कहती हैं। आखिर में वह अपनी किट दिखाती हैं, घर की छत की ओर कैमरा करती हैं और कहती हैं कि यह उनका आखिरी वीडियो है।
पिता बोले- चयन हुआ, किट मिली, सेरेमनी भी हुई
दिव्यांशी के पिता सुनील कुमार सुंडा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में हुए फाइनल चयन ट्रायल में उनकी बेटी पहले स्थान पर रही थी। उन्होंने फाइनल में चंडीगढ़ की खिलाड़ी को हराकर पहला स्थान हासिल किया।
पिता के मुताबिक इसके बाद दिव्यांशी करीब तीन महीने से SAI के भारतीय वुशु टीम कैंप में तैयारी कर रही थीं। उनका कहना है कि श्रीनगर कैंप में बेटी के कंधे में चोट लगी थी, लेकिन इसके बावजूद उसने चीन में इंटरनेशनल टूर्नामेंट खेला और सिल्वर मेडल जीता।
सुनील कुमार का दावा है कि एशियन गेम्स के लिए बेटी का चयन हो चुका था। उसे किट मिली, सेरेमनी हुई और जापान के लिए अंतिम एंट्री भी कन्फर्म थी। इसके बाद अंदरूनी तौर पर बेटी का नाम हटाकर रोशीबीना देवी का नाम कर दिया गया। चोट जानबूझकर पहुंचाने के आरोप पर भी जवाब
दिव्यांशी और उनके पिता ने आरोप लगाया है कि श्रीनगर कैंप के दौरान रोशीबीना देवी ने जानबूझकर दिव्यांशी के कंधे में चोट पहुंचाई।
वुशु एसोसिएशन के अध्यक्ष ने इस आरोप से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वुशु मार्शल आर्ट का खेल है और मुकाबले के दौरान चोट लग सकती है। उनके मुताबिक किसी खिलाड़ी ने जानबूझकर चोट पहुंचाई, ऐसा कहना उचित नहीं है।
बाजवा ने यह भी कहा कि रोशीबीना देवी दो बार एशियन गेम्स की विजेता रह चुकी हैं और जिस खिलाड़ी का नाम लिया जा रहा है, उसका अपना अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड है।
जूनियर वर्ल्ड में ब्रॉन्ज, चीन में सिल्वर जीत चुकीं
दिव्यांशी 60 किलो वर्ग में सांदा खेलती हैं। वे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए मेडल जीत चुकी हैं। 2024 जूनियर वर्ल्ड वुशु चैंपियनशिप में उन्होंने 60 किलो वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
जून 2026 में चीन में हुए मेंबर वूशु टूर्नामेंट में भी उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। वह 2017 से कोटा की महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी में ट्रेनिंग कर रही हैं। राजस्थान के लिए उन्होंने अलग-अलग स्तरों पर 12 गोल्ड मेडल जीते हैं। एशियन गेम्स 19 सितंबर से, वुशु के मुकाबले 20 से 24 सितंबर तक
20वें एशियन गेम्स का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक जापान के आइची-नागोया में होगा। वुशु के मुकाबले 20 से 24 सितंबर तक खेले जाएंगे। भारतीय वुशु टीम में कुल 7 खिलाड़ी हैं। 3 पुरुष और 4 महिला।
पुरुषों में सूरज सिंह मायांगलंबम, आर्यन और विक्रांत बलियान शामिल हैं, जबकि महिलाओं में न्येमान वांगसू, अपर्णा, रोशीबीना देवी और लैंगलेंटोम्बी देवी हंजाबम हैं।

























































