प्राइवेट कंपनी नायरा एनर्जी के बाद सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आज पेट्रोल-डीजल के रेट जारी कर दी

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नायरा ने पेट्रोल में प्रति लीटर और डीजल में 3 प्रति लीटर की वृद्धि की है। इसके बाद भोपाल में नायरा के पंपों पर पेट्रोल 119.54 और डीजल 102.64 प्रति लीटर हो गया है। जबकि, इंडियन ऑयल के पंपों पर भोपाल में पेट्रोल 114.65 रुपये और डीजल 99.74 रुपये प्रति लीटर है। यानी सरकारी कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के रेट में कोई इजाफा नहीं किया है।

दिल्ली में इंडियन ऑयल के पंप पर पेट्रोल की कीमत 102.12 प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 प्रति लीटर दर्ज की गई। यानी दोनों फ्यूल के रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दूसरी ओर प्रीमियम पेट्रोल XP95

109.24, XP100 167.35 और XG 100.52 प्रति लीटर बिक रहा है। दूसरी ओर कच्चा तेल अभी भी 100 डॉलर के पार है। सोमवार सुबह 6 बजे के करीब ब्रेंट क्रूड में गिरावट थी। यह 101.81 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। जबकि, WTI 66 सेंट टूटकर 90.45 डॉलर प्रति बैरल पर था।

सबसे महंगा और सस्ता फ्यूल

देश में सबसे महंगा पेट्रोल आंध्र प्रदेश के चित्तूर में 118.34 रुपये लीटर है। चित्तूर में डीजल 106.06 रुपये लीटर है। जबकि भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल 88.66 रुपये लीटर है, जबकि यहां 1 लीटर डीजल की कीमत 84.56 रुपये है। दिल्ली के मुकाबले चित्तूर में पेट्रोल 16.22 रुपये और डीजल 10.86 रुपये प्रति लीटर महंगा है। जबकि, पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल 13.46 रुपये और डीजल 10.64 रुपये प्रति लीटर सस्ता मिल रहा है।

राज्यों की राजधानियों की बात करें तो कीमतों में भी अच्छा-खासा अंतर देखने को मिलता है। जयपुर में पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 97.78 रुपये प्रति लीटर है। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल 112.70 रुपये और डीजल 99.87 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।

वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 99.28 रुपये प्रति लीटर है। यानी लखनऊ में पेट्रोल जयपुर और पटना की तुलना में काफी सस्ता है, जबकि डीजल की कीमत लगभग उसी स्तर पर है।

कब बढ़े थे पेट्रोल-डीजल के दाम

बता दें सरकारी कंपनियों ने मई में भी पेट्रोल और डीजल के दाम में करीब ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के एक लाख से अधिक पेट्रोल पंपों में 90 फीसदी से ज्यादा पर इन्हीं सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है।

कंपनियों को कितना हो रहा घाटा

रेटिंग एजेंसी इक्रा के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद घरेलू पेट्रोल-डीजल के दाम लंबे समय तक स्थिर रहने से सरकारी तेल कंपनियों को नुकसान हो रहा था। अनुमान है कि IOC, BPCL और HPCL को पेट्रोल पर करीब ₹8 और डीजल पर करीब ₹9 प्रति लीटर का नुकसान हो रहा था

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