जनपद रायबरेली में बेमौसम बारिश, जलभराव एवं हवा से प्रभावित फसलों की क्षति का होगा सर्वेक्षण,बीमित किसान 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर दें सूचना

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रायबरेली : जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पाण्डेय ने बताया है कि खरीफ 2026 मौसम में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत आच्छादित फसलों में वर्तमान में बेमौसम वर्षा, जलभराव एवं तेज हवा के कारण हुई क्षति की सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं। किसानों को फसल क्षति की स्थिति में नियमानुसार बीमा कंपनी को समय से सूचना देने की अपील की गई है।
उन्होंने बताया कि जनपद में खरीफ सीजन में धान, ज्वार, तिल, मूंगफली एवं अरहर की फसलों को ग्राम पंचायत स्तर पर अधिसूचित किया गया है। योजना के अंतर्गत मध्यावस्था में सूखा अथवा शुष्क स्थिति, बाढ़, ओलावृष्टि, भूस्खलन, तूफान, चक्रवात, जलभराव, आकाशीय बिजली से उत्पन्न आग तथा रोके न जा सकने वाले अन्य जोखिमों से होने वाली क्षति को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त स्थानिक आपदाओं के अंतर्गत खड़ी फसल को ओलावृष्टि, जलभराव, भूस्खलन, बादल फटने तथा आकाशीय बिजली से उत्पन्न आग से हुई क्षति भी योजना के प्रावधानों के अनुसार आच्छादित है।
जनपद के लिए नामित बीमा कंपनी यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड है। मौसम के अंत में फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्त उपज के आधार पर क्षतिपूर्ति का आकलन कर नियमानुसार भुगतान किया जाता है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि फसल की बुवाई के 01 माह बाद से फसल कटाई के 15 दिन पूर्व तक प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों के कारण संभावित उपज की तुलना में सामान्य उपज में 50 प्रतिशत से अधिक कमी होने की स्थिति में निर्धारित फार्मूले के अनुसार बीमा कंपनी द्वारा तात्कालिक सहायता प्रदान की जाती है।
प्राकृतिक आपदा एवं मध्यावस्था में फसलों को हुई क्षति के आकलन के लिए राजस्व, कृषि विभाग एवं बीमा कंपनी के अधिकारियों की संयुक्त सर्वेक्षण टीम गठित की गई है। संयुक्त टीम प्रभावित क्षेत्रों में सर्वेक्षण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कर अपनी रिपोर्ट बीमा कंपनी को उपलब्ध कराएगी, जिसके आधार पर नियमानुसार क्षतिपूर्ति का आकलन एवं भुगतान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस जोखिम के अंतर्गत फसल की बुवाई के 01 माह बाद से लेकर फसल कटाई के 15 दिन पूर्व तक हुई फसल क्षति को संज्ञान में लिया जाएगा। बीमा कंपनी द्वारा क्षति की सूचना प्राप्त होने के 30 कार्य दिवस के अंदर प्रभावित ग्राम पंचायत के बीमित कृषकों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति का भुगतान भारत सरकार के फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा।
स्थानिक आपदा के मामलों में विशेष रूप से ध्यान दें: ओलावृष्टि, भूस्खलन, जलभराव, बादल फटना एवं आकाशीय बिजली से उत्पन्न आग से हुई क्षति तथा फसल कटाई के उपरांत आगामी 14 दिनों तक खेत में सुखाने के लिए रखी फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात अथवा बेमौसम/चक्रवाती वर्षा से हुई क्षति का आकलन व्यक्तिगत बीमित कृषक के स्तर पर बीमा कंपनी द्वारा किया जाएगा।
बीमित कृषक आपदा की घटना के 72 घंटे के अंदर भारत सरकार के टोल फ्री नंबर 14447 पर अनिवार्य रूप से सूचना दें। इसके अतिरिक्त संबंधित बैंक शाखा, जहां से कृषक द्वारा फसल बीमा कराया गया है, अथवा कृषि विभाग के ब्लॉक स्तर पर स्थापित बीज भंडार एवं जनपद स्तर के कृषि विभागीय कार्यालय में भी फसल क्षति की सूचना दी जा सकती है।

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