सांसद पटेल ने यहां तक दावा कर दिया कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी चुनाव लड़ने से कतरा रहे

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और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के कड़े रुख और आश्वासन के बाद ही वे रायबरेली सीट से मैदान में उतरे।

‘अखिलेश यादव की चेतावनी के बाद रायबरेली से लड़े राहुल’

न्यूज एजेंसी PTI से बातचीत में सपा सांसद शिवपाल सिंह पटेल ने कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर बयान देते हुए कहा, “अगर समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन न होता, तो कांग्रेस यूपी में एक भी सीट नहीं जीत पाती। हालात यह थे कि उनके शीर्ष नेता राहुल गांधी तो सीट छोड़ने तक को तैयार थे। वे अमेठी से डरकर दूर चले गए थे। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जब उन्हें भरोसा दिलाया और चेतावनी दी कि अगर वे नहीं लड़े तो सपा अपना उम्मीदवार उतार देगी, तब जाकर गांधी चुनाव लड़ने के लिए तैयार हुए। उनके उस पारंपरिक पारिवारिक सीट पर लड़ने की इच्छा ही नहीं थी।” पटेल ने जोर देकर कहा कि रायबरेली सीट पर राहुल गांधी को मिली जीत में समाजवादी पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता और वोटबैंक का सबसे बड़ा योगदान रहा है।

यूपी में हम बड़े भाई, 50 से ज्यादा की उम्मीद न करे कांग्रेस: सपा

यूपी की राजनीति में समाजवादी पार्टी के दबदबे को रेखांकित करते हुए पटेल ने कहा कि विधानसभा में 101 विधायकों और लोकसभा में 37 सांसदों के साथ सपा राज्य में गठबंधन का ‘बड़ा भाई’ है। उन्होंने कहा, “2024 के चुनाव में हमने अकेले 37 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस हमारे सहयोग से 6 सीटों पर सिमट गई। 403 सदस्यों वाली यूपी विधानसभा में कांग्रेस के पास केवल 2 विधायक हैं। इसलिए कांग्रेस को यह हकीकत समझनी चाहिए और 50 से ज्यादा सीटों की अनुचित मांग करने के बजाय सपा के साथ मिलकर काम करना चाहिए।” यूपी कांग्रेस के ब्राह्मण को प्रदेश अध्यक्ष (आराधना मिश्रा) और मुस्लिम को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के फॉर्मूले पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि इससे कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और भाजपा की नीतियों से परेशान होकर दलित और पिछड़ा वर्ग अब पूरी तरह से लोहियावादी विचारधारा वाली समाजवादी पार्टी के साथ आ चुका है।

सपा सांसद ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ने की गलती करती है, तो वह राज्य में जीरो पर सिमट जाएगी और जनता उसे वोट काटने वाली पार्टी समझेगी। कांग्रेस का पलटवार: सपा अपने बड़बोले नेताओं पर लगाम कसे

शिवपाल सिंह पटेल के इस आक्रामक बयान के बाद कांग्रेस खेमे में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने सपा सांसद के बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। कांग्रेस प्रवक्ता ने पलटवार करते हुए कहा, “समाजवादी पार्टी को ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयान देने वाले नेताओं पर तुरंत लगाम लगानी चाहिए। शिवपाल सिंह पटेल को यह नहीं भूलना चाहिए कि वे खुद ‘INDIA’ गठबंधन की बदौलत ही आज लोकसभा सांसद बने हैं। उन्हें अपनी मर्यादा में रहना चाहिए और गठबंधन धर्म का पालन करते हुए इस तरह के अनावश्यक बयानों से बचना चाहिए।”

गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनावों में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने यूपी की 80 सीटों में से कुल 43 सीटों पर ऐतिहासक जीत दर्ज कर बीजेपी (33 सीटें) को पछाड़ दिया था। हालांकि, 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के नेताओं के बीच शुरू हुई यह बयानबाजी गठबंधन के भविष्य पर सवाल खड़े कर रही है।

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