बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता गोविंदा अक्सर अपनी फिल्मों, कॉमेडी और डांस के अलावा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी खुलकर बात करते नजर आते हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान गोविंदा ने अपनी और पत्नी सुनीता आहूजा की शादीशुदा जिंदगी से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला और अनसुना किस्सा शेयर किया। गोविंदा ने कहा, ‘मां के जाने के बाद सुनीता ने मुझे आजादी मांगी। अपने हिसाब से जिंदगी जीने की आजादी।’
आप मुझे वैसा नहीं पाओगी जैसा मैं हूं’ – गोविंदा
गोविंदा से पूछा गया, ‘अफेयर कब तक नहीं किया?’ इस पर एक्टर बोले, “अफेयर मैंने किया नहीं…37 की उम्र का था मैं जब मैंने महामृत्युंजय पूरे किए। मम्मी का जब तक निधन हो गया था। उस समय सुनीता जी ने मुझसे पूछा, ‘मैं अपनी जिंदगी कभी जी नहीं पाई हूं। छोटी-सी उम्र में ही मैं स्कूल छोड़कर आपके पास आ गई थी। मैं अपनी जिंदगी अपने हिसाब से जीना चाहती हूं। तो आप मुझे फ्रीडम दीजिए।’ तो अपनी फ्रीडम में वो कहीं बाहर निकल गईं। तो मैंने उनसे कहा, ‘आप फ्रीडम में बाहर निकल रही हो। आप जब लौटकर आओगी घर में तो आप मुझे वैसा नहीं पाओगी जैसा मैं हूं। चलेगा न?’ तो वो बोलीं, ‘हां! मुझे कोई दिक्कत नहीं है।’ तो मुझे अब किसी से पूछना नहीं है। मुझे सिर्फ वहीं से पूछना था। नो प्रॉब्लम मत नो प्रॉब्लम।”
मैं जैसे चाह रहा था वो वैसे रह रही थीं’ – गोविंदा
इस पर गोविंदा से पूछा गया, “क्या सुनीता बहक गई थीं।” गोविंदा बोले, “नहीं बहक नहीं गई थीं। उन्हें अपनी जिंदगी अपनी तरह से जीनी थी।’ इस पर गोविंदा से पूछा गया कि आखिर वो किस तरह अपनी लाइफ जीना चाहती थीं? गोविंदा बोले, ‘देखिए, ये पूछने का हक मुझे नहीं है और ये किसी को जानने का हक भी नहीं है जब तक वो न चाहें। मेरा ऐसा मानना है कि हर आदमी की अपनी जिंदगी है। छोटी बच्ची थीं, आ गईं मेरे घर में, बेचारी पल्लू निकालकर जैसा मैं चाह रहा था वैसे रह ही थीं। रह क्या रही थीं, पड़ी हुई थीं।”
‘फ्रीडम टू द नेक्स्ट लेवल’ – गोविंदा
गोविंदा ने ये भी बताया कि सुनीता को किस तरह की फ्रीडम चाहिए थी। गोविंदा बोले, “जिस वक्त मम्मी गईं, उन्होंने मुझे कहा कि उन्हें फ्रीडम चाहिए। सिर्फ फ्रीडम नहीं, फ्रीडम टू द नेक्स्ट लेवल। मैंने कहा, अच्छा जी…आप ऐसा चाह रही हैं। ठीक है आप जी लीजिए जिस तरह से आप जीना चाहती हैं। मुझे कोई दिक्कत नहीं है। हर महिला के अंदर इच्छा होती है।”
‘उसको खाने-पीने का शौक है’ – गाेविंदा
गोविंदा बोले, “मैं ये नहीं कहूंगा कि मैंने उन्हें फ्रीडम दी। उन्होंने मुझसे फ्रीडम मांगी तो मैंने कहा, जब इतने साल उन्होंने…मेरे बच्चे बड़े सब मेरे ही घर में पले हैं…तो उन्होंने झेला है। शायद तंग आ गई होंगी घर में। उसको लग रहा होगा कि बाहर मैं अपने हिसाब से चलूंगी, अपने हिसाब से जीऊंगी, खाऊंगी-पीऊंगी…उसको खाने-पीने का बड़ा शौक है और ये मेरे घर में संभव नहीं हे।”
‘उसको खाने-पीने का शौक है’ – गाेविंदा
गोविंदा बोले, “मैं ये नहीं कहूंगा कि मैंने उन्हें फ्रीडम दी। उन्होंने मुझसे फ्रीडम मांगी तो मैंने कहा, जब इतने साल उन्होंने…मेरे बच्चे बड़े सब मेरे ही घर में पले हैं…तो उन्होंने झेला है। शायद तंग आ गई होंगी घर में। उसको लग रहा होगा कि बाहर मैं अपने हिसाब से चलूंगी, अपने हिसाब से जीऊंगी, खाऊंगी-पीऊंगी…उसको खाने-पीने का बड़ा शौक है और ये मेरे घर में संभव नहीं हे।”





























































