नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 20 तय (शेड्यूल्ड) दवाओं की बिक्री बंद करने की अर्जी को मंजूरी दे दी गई है। फार्मा कंपनियों ने मांग में भारी कमी-कच्चे माल की कमी और दूसरे कारणों का हवाला देकर इन्हें..
नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 20 तय (शेड्यूल्ड) दवाओं की बिक्री बंद करने की अर्जी को मंजूरी दे दी गई है। फार्मा कंपनियों ने मांग में भारी कमी-कच्चे माल की कमी और दूसरे कारणों का हवाला देकर इन्हें…
नई दिल्ली: नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) द्वारा वित्त फार्मा कंपनियों ने मांग में भारी कमी-कच्चे माल की कमी और दूसरे कारणों का हवाला देकर इन्हें हटाने की अनुमति मांगी थी NPPA की इस मंजूरी के बाद कैंसर, अल्जाइमर, हाई ब्लड प्रेशर, फंगल इन्फेक्शन, बांझपन (इनफर्टिलिटी) और गंभीर दर्द के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई दवाओं की बिक्री रुक जाएगी। बंद की गई दवाओं में डोनेपेज़िल (5 mg और 10 mg) भी शामिल है। सिप्ला की यह दवा अल्जाइमर की बीमारी के लिए इस्तेमाल होती थी। इसी तरह, एमक्योर फार्मा की रैमिप्रिल (2.5 mg और 5 mg) दवाएं बंद कर दी गई है।
इनका इस्तेमाल हाई ब्लड प्रेशर और कुछ मरीज़ों में दिल से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए किया जाता है। NPPA ने पिछले साल का रिकॉर्ड जारी किया है।
एमक्योर फार्मा की 8 दवाएं शामिल
20 दवाओं की इस सूची में सबसे बड़ा हिस्सा एमक्योर और सिप्ला का है: इस लिस्ट में कैंसर से जुड़ी दवाएं भी शामिल हैं जैसे कि कार्बोप्लाटिन की दो पोटेंसी (अलग-अलग क्षमता वाली दवाएं), टेमोज़ोलोमाइड और ज़ोलेड्रोनिक एसिड। इसके अलावा बाइकालुटामाइड, ट्रामाडोल (दर्द निवारक), रैमिप्रिल की दो पोटेंसी, नाइट्रोफ्यूरेंटोइन (यूरिनरी इन्फेक्शन), क्लोमीफीन (इनफर्टिलिटी) और कार्बोप्लाटिन की दो अलग-अलग क्षमताओं वाली दवाओं का निर्माण बंद कर रही है।
सिप्ला की 4 दवाएं बंद
डोनेपेज़िल (5 mg और 10 mg) समेत सिप्ला की 4 दवाएं सूची में शामिल हैं। MSD फार्मा की 2 दवाएं तथा अन्य दवा निर्माताओं की एक-एक दवा इस सूची में शामिल है।

































































