यू.पी.प्रेस क्लब में सम्मानित हुए लखनऊ के सुप्रसिद्ध कवि-युगल संजय सागर एवं रश्मि लहर

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रायबरेली : अखिल भारतीय काव्यधारा, रामपुर की इकाई लखनऊ के तत्वावधान में यू पी प्रेस क्लब लखनऊ में दिनांक 25.10.26 को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। अध्यक्षता संस्थापक, राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र कमल आनंद ने की । संस्था के संरक्षक आदरणीय शिव भजन कमलेश जी थे जबकि मुख्य अतिथि कृपा शंकर श्रीवास्तव रहे। अध्यक्ष , संरक्षक, मुख्य अतिथि सहित विशिष्ट अतिथियों/अति विशिष्ट अतिथियों क्रमशः महेश प्रकाश सक्सेना, अमरनाथ अग्रवाल, अशोक गुलशन, सत्येंद्र तिवारी, उमेश प्रकाश उमेश, भूपेंद्र सिंह होश, रमेश चन्द्र श्रीवास्तव ‘रचश्री’, आदि के द्वारा सरस्वती के चित्र-सम्मुख दीप प्रज्वलित किया गया । डाॅ. सरिता बाजपेई ने माॅं शारदा वंदना से कवि सम्मेलन का शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर हिंदी की उत्कृष्ट साहित्य सेवाओं के लिए समर्पित लखनऊ के सुप्रसिद्ध कवि-युगल संजय सागर तथा रश्मि लहर को प्रशस्ति, सम्मान पत्र व उत्तरीय वस्त्र प्रदान कर संस्था काव्यधारा अध्यक्ष जितेंद्र कमल आनंद द्वारा सम्मानित किया गया। सर्वविदित है कि ये कवि-युगल विगत कई वर्षों से न केवल साहित्य सृजन कर रहे हैं बल्कि विभिन्न साहित्यिक/सामाजिक संस्थाओं से जुड़कर साहित्य के प्रचार एवं प्रसार में अपना भरपूर सहयोग कर रहे हैं।

कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती रश्मि लहर ने किया। कार्यक्रम में श्रीमती सुस्मिता सिंह, ऋषि श्रीवास्तव, जीतेन्द्र पाल सिंह, आलोक यादव सहित लगभग पैतीस कवि कवयित्रियों को सम्मानित किया गया। लगभग चालीस कवि-कवयित्रियों ने अपने काव्यपाठ से वातावरण काव्यमय किया तथा तालियां बटोरीं जिसमें रश्मि लहर ने “बाद -मुद्दत द्वार के बजने की थी आहट मिली।
भीगता चेहरा, वो माॅं की झुर्रियाॅं याद आ गईं” सुनाकर सभागार में उपस्थित हर व्यक्ति को मंत्रमुग्ध कर दिया। फिर

“भरोसा है नहीं पल का, युगों की बात करता है l
बना भगवान फिरता है, प्रभु से भी न डरता है ll
होगा कल न जाने क्या, निश्चित ही नहीं है जब l
धरा पर सब धरा रहता, मगर उत्पात करता है ” पंक्तियां सुनाकर-उमेश प्रकाश ‘उमेश’ ने माहौल में स्नेहिल रंग भरा।

लखनऊ के सुप्रसिद्ध शायर’विश्वास’ लखनवी ने “चांद चमकेगा अगर ऐसे, तो डर लगता है। तोड़ डाले न समुन्दर ये किनारे अपने” सुनाकर वाहवाही बटोरी।

डॉ ओम प्रकाश श्रीवास्तव ओम की ये पंक्तियां “पता नहीं क्यों मैं निज मन में, ईर्ष्या रक्षित रखता हूँ।
लख उन्नति खुशियाँ दूजों की,कुंठित अतिशय रहता हूँ।।” सबके मन को छू गईं।
प्रेम शंकर शास्त्री बेताब ने जहां –
“कर्म को पूजा समझ खुद को खोना चाहिए ।
दूसरों की सीख के शुभ बीज बोना चाहिए” सुनाया वहीं “कभी बैठकर कभी लेटकर चलकर रोये बाबू जी,
घर की छत पर बैठ अकेले जमकर रोये बाबू जी” सुनाकर सुप्रसिद्ध शायर अशोक गुलशन ने सबकी ऑंखें नम कर दीं।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए कुलदीप शर्मा ‘दीप’ ने “बिन तुम्हारे मैं खुद को कहूँ भी तो क्या
एक बादल हूँ और वो भी बरसा हुआ।” सुनाया तो “कठपुतली मैं हूॅं नहीं, ना नर की हूॅं दास।
सेवा भाव स्वभाव है, समझ मीत मैं खास।। सुनाकर महेश प्रकाश अष्ठाना ने खूब तालियां बटोरीं। अपनी रचना “प्यार में ये फासले हैं किसलिए
जीते मरते हम रहे हैं किसलिए” सुनाकर
संजय सागर ने समाज से जुड़ने का प्रयास किया तो “उसका असर यक़ीनन लहजे में आ रहा है,
गूँगी ज़ुबान को जो कहना सिखा रहा है ।
हमने भी ख़ूब सोचा के इश्क़ करके देखें ,
ग़ालिब तो आग का इक दरिया बता रहा है” सुनाकर राजवीर सिंह राज, “प्रीति को सुप्रीत में प्रीति को निभा गया।
मैं देखता रहा खड़ा कहां गया कहां गया” सुबोध कुमार शर्मा शेरकोटी गदरपुर, “प्यार की हमने बस्तियाॅं देखीं।
जिसके घर में भी खिड़कियाॅं देखीं” जितेंद्र कमल आनंद ,”गीत चाँदनी मन आँगन में अक्षर उमड़े जब निर्मल। बहती पावन भाव ‘सरिता’ लगती स्याई गंगा जल”डॉ सरिता वाजपेयी साक्षी शाहजहांपुर ( उत्तर प्रदेश) ने कार्यक्रम को ऊंचाइयां प्रदान की।

सम्मेलन में जीतेन्द्र पाल सिंह, आलोक यादव, नीलम सिंह, विनीता चौरसिया, उत्तराखण्ड के गदरपुर (ऊधम सिंह नगर)से सुबोध कुमार शर्मा शेरकोटी, उन्नाव से डाॅ. चंद्रभान चंद्र , अशोक गुलशन( बहराइच), डाॅ. शिव भजन कमलेश, अष्ठाना महेश प्रकाश मधुर, भूपेंद्र सिंह होश, डाॅ. सरिता बाजपेई साक्षी( शाहजहांपुर), रामपुर से राजवीर सिंह राज़, जितेंद्र कमल आनंद, नीलम रानी सक्सैना, सुमित सिंह मीत, रश्मि लहर, संजय सागर ( लखनऊ) प्रेम शंकर शास्त्री, सुस्मिता सिंह, ऋषि श्रीवास्तव, आलोक यादव, शुचिता श्रीवास्तव आदि दिग्गजों ने काव्य पाठ से करतल ध्वनि के साथ श्रोताओं की वाह- वाही लूटी ।

कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती रश्मि लहर ने किया। लगभग चालीस कवि-कवयित्रियों ने अपने काव्यपाठ से वातावरण काव्यमय किया तथा तालियां बटोरीं।

अंत में अध्यक्ष जितेंद्र कमल आनंद ने सभी का हार्दिक आभार व्यक्त किया।

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