अमिताभ बच्चन को दिल्ली हाई कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश मिले

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अमिताभ बच्चन ने साल 2022 में दिल्ली हाई कोर्ट में अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए याचिका दायर की थी. इसमें उन्होंने अपने नाम, तस्वीर, आवाज और पहचान से जुड़ी दूसरी चीजों के गलत इस्तेमाल को रोकने की मांग की थी. उनका कहना था कि कुछ लोग बिना अनुमति उनके नाम और लोकप्रियता का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए कर रहे हैं.

इस मामले में मशहूर वकील हरीश साल्वे ने अमिताभ बच्चन की ओर से अदालत में पक्ष रखा था. याचिका में बताया गया था कि कुछ मोबाइल ऐप चलाने वाले लोग अमिताभ बच्चन के नाम का इस्तेमाल लॉटरी से जुड़ी गतिविधियों के लिए कर रहे थे. वहीं, कुछ लोग उनकी तस्वीर वाली टी-शर्ट भी बेच रहे थे. इस तरह के इस्तेमाल से एक्टर की छवि को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई थी.

2022 में कोर्ट ने दिया था आदेश

साल 2022 में दिल्ली हाई कोर्ट ने अमिताभ बच्चन के पक्ष में अंतरिम आदेश दिया था. उस समय अदालत ने कहा था कि अमिताभ बच्चन एक मशहूर हस्ती हैं और कई विज्ञापनों में नजर आते हैं. ऐसे में उनकी अनुमति के बिना उनके नाम और पहचान का इस्तेमाल करके अपने सामान या सेवाओं का प्रमोशन करना सही नहीं है. अदालत ने ये भी कहा था कि इस तरह की गतिविधियों से एक्टर को नुकसान हो सकता है और उनकी छवि पर भी असर पड़ सकता है. इसी को देखते हुए उनके व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए आदेश जारी किया गया था.

16 नवंबर को फिर होगी सुनवाई

हाल ही में अदालत को बताया गया कि मामले में कुछ दूसरे पक्षों के साथ समझौता हो गया है. हालांकि, समझौते से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं अभी पूरी नहीं हुई हैं. अमिताभ बच्चन की ओर से इन्हें पूरा करने के लिए और समय मांगा गया था. इसके बाद अदालत ने 16 नवंबर, 2026 तक का समय दे दिया. कोर्ट ने साफ किया कि अगर तब तक समझौता नहीं हो पाता है या अधूरा रहता है, तो केस को आगे बढ़ाने के लिए अमिताभ बच्चन को अगली सुनवाई पर खुद मौजूद रहना होगा.

जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव की अदालत ने एक्टर के चार साल पुराने पर्सनैलिटी राइट्स केस में ये आदेश दिया है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है. 9 अक्टूबर को जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव की अदालत ने ये आदेश दिया. मामला बिग बी के पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़ा है. अदालत ने कहा कि अगर समझौता नहीं हो पाता है और अमिताभ बच्चन अपना केस आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो उन्हें खुद कोर्ट में पेश होना होगा. आइए, जानते हैं क्या है पूरा मामला.

क्या है पूरा मामला अमिताभ बच्चन ने साल 2022 में दिल्ली हाई कोर्ट में अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए याचिका दायर की थी. इसमें उन्होंने अपने नाम, तस्वीर, आवाज और पहचान से जुड़ी दूसरी चीजों के गलत इस्तेमाल को रोकने की मांग की थी. उनका कहना था कि कुछ लोग बिना अनुमति उनके नाम और लोकप्रियता का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए कर रहे हैं.

इस मामले में मशहूर वकील हरीश साल्वे ने अमिताभ बच्चन की ओर से अदालत में पक्ष रखा था. याचिका में बताया गया था कि कुछ मोबाइल ऐप चलाने वाले लोग अमिताभ बच्चन के नाम का इस्तेमाल लॉटरी से जुड़ी गतिविधियों के लिए कर रहे थे. वहीं, कुछ लोग उनकी तस्वीर वाली टी-शर्ट भी बेच रहे थे. इस तरह के इस्तेमाल से एक्टर की छवि को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई थी.

2022 में कोर्ट ने दिया था आदेश

साल 2022 में दिल्ली हाई कोर्ट ने अमिताभ बच्चन के पक्ष में अंतरिम आदेश दिया था. उस समय अदालत ने कहा था कि अमिताभ बच्चन एक मशहूर हस्ती हैं और कई विज्ञापनों में नजर आते हैं. ऐसे में उनकी अनुमति के बिना उनके नाम और पहचान का इस्तेमाल करके अपने सामान या सेवाओं का प्रमोशन करना सही नहीं है. अदालत ने ये भी कहा था कि इस तरह की गतिविधियों से एक्टर को नुकसान हो सकता है और उनकी छवि पर भी असर पड़ सकता है. इसी को देखते हुए उनके व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए आदेश जारी किया गया था.

16 नवंबर को फिर होगी सुनवाई

हाल ही में अदालत को बताया गया कि मामले में कुछ दूसरे पक्षों के साथ समझौता हो गया है. हालांकि, समझौते से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं अभी पूरी नहीं हुई हैं. अमिताभ बच्चन की ओर से इन्हें पूरा करने के लिए और समय मांगा गया था. इसके बाद अदालत ने 16 नवंबर, 2026 तक का समय दे दिया. कोर्ट ने साफ किया कि अगर तब तक समझौता नहीं हो पाता है या अधूरा रहता है, तो केस को आगे बढ़ाने के लिए अमिताभ बच्चन को अगली सुनवाई पर खुद मौजूद रहना होगा.

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