तो कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है. फ्राइड राइस बनाना आसान लगता है, लेकिन इसे सही बनाने में सबसे बड़ी भूमिका चावल की होती है. अगर चावल आपस में चिपकने लगें, बहुत नरम हो जाएं या टूटने लगें तो पूरी डिश का स्वाद और टेक्सचर बिगड़ जाता है. खासकर घर पर फ्राइड राइस बनाते समय यह समस्या अक्सर देखने को मिलती है. हालांकि इसके पीछे चावल की क्वालिटी ही जिम्मेदार हो, ऐसा जरूरी नहीं है. कई बार चावल पकाने का तरीका ही उन्हें चिपचिपा बना देता है.
अगर आपके फ्राइड राइस के चावल भी आपस में चिपक रहे हैं तो कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है. सही मात्रा में पानी, चावल को धोने का तरीका और पकाते समय आंच का ध्यान रखना इसमें सबसे अहम है.
चावल चिपचिपे क्यों हो जाते हैं?
चावल के चिपचिपे या गले हुए होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. चावल में मौजूद सतही स्टार्च, जरूरत से ज्यादा पानी, ज्यादा देर तक पकाना, लगातार तेज आंच पर पकाना और बार-बार चम्मच चलाना इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं. खासकर जब चावल को पकाते समय लगातार हिलाया जाता है तो दानों से स्टार्च निकलने लगता है. इससे चावल अलग-अलग रहने के बजाय आपस में चिपकने लगते हैं. इसलिए फ्राइड राइस के लिए चावल बनाते समय उन्हें ज्यादा छेड़ने से बचना चाहिए.
सबसे पहले चावल को अच्छी तरह धोएं
चावल पकाने से पहले उसे अच्छी तरह धोना जरूरी है. सतह पर मौजूद अतिरिक्त स्टार्च चावल को चिपचिपा बना सकता है. इसलिए चावल को करीब 3 से 4 बार पानी से धो सकते हैं. चावल धोते समय तब तक पानी बदलें जब तक पानी काफी हद तक साफ नजर आने लगे. इससे सतह का अतिरिक्त स्टार्च निकलने में मदद मिलती है और पकने के बाद चावल के दाने अलग रहने की संभावना बढ़ती है.
चावल को कुछ देर भिगोकर रखें
चावल को पकाने से पहले भिगोने से दाने एकसमान तरीके से पकने में मदद मिलती है. सामान्य चावल को करीब 20 मिनट और बासमती चावल को करीब 30 मिनट तक भिगोया जा सकता है. हालांकि चावल को जरूरत से ज्यादा देर तक भिगोने से बचें. ज्यादा देर तक भिगोने पर दाने नाजुक हो सकते हैं और पकाते समय टूटने की संभावना बढ़ सकती है.
पानी की मात्रा सही रखें
चावल चिपकने का एक बड़ा कारण जरूरत से ज्यादा पानी भी हो सकता है. सामान्य चावल के लिए एक कप चावल में करीब दो कप पानी इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं बासमती चावल के लिए एक कप चावल में करीब पौने दो कप पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि चावल की किस्म के हिसाब से पानी की जरूरत अलग हो सकती है, इसलिए पैकेट पर दिए निर्देश भी देखना उपयोगी रहता है
पकाते समय चावल को बार-बार न चलाएं
चावल को पानी में डालने के बाद बार-बार चम्मच चलाने की जरूरत नहीं है. लगातार हिलाने से दाने टूट सकते हैं और स्टार्च बाहर आने से चावल ज्यादा चिपचिपे हो सकते हैं. पानी में चावल डालने के बाद एक बार हल्का चलाएं. जब पानी उबलने लगे तो आंच कम कर दें और बर्तन को ढककर चावल को पकने दें.
उबाल आने के बाद धीमी आंच रखें
चावल को शुरू से आखिर तक तेज आंच पर पकाना भी सही तरीका नहीं है. पानी में उबाल आने के बाद आंच कम कर दें और बर्तन को ढक दें. धीमी आंच पर भाप की मदद से चावल धीरे-धीरे पकते हैं. इससे दानों के ज्यादा फटने और टूटने की संभावना कम होती है. करीब 10 से 12 मिनट तक पकाने के बाद चावल की स्थिति जांची जा सकती है.
गैस बंद करने के बाद तुरंत न खोलें
चावल पकने के बाद गैस बंद कर दें और उन्हें करीब 5 मिनट के लिए ढककर रहने दें. इस दौरान चावल में मौजूद नमी समान रूप से फैलने में मदद करती है. इसके बाद ढक्कन हटाएं और चावल को तुरंत जोर से चलाने के बजाय धीरे से फ्लफ करें. इसके लिए कांटे या चपटे स्पैटुला का इस्तेमाल किया जा सकता है.
फ्राइड राइस के लिए चावल कैसे रखें?
अगर खासतौर पर फ्राइड राइस बनाना है तो कोशिश करें कि चावल के दाने पकने के बाद अलग-अलग रहें. गर्म चावल को जोर से दबाने या मसलने से बचें. चावल को हल्के हाथ से मिलाने से दाने टूटेंगे नहीं और फ्राइड राइस में बेहतर टेक्सचर मिलेगा. आप चाहें तो इन्हीं चावल से जीरा राइस, वेजिटेबल राइस या मसाला राइस भी बना सकते हैं. लेकिन हर डिश में चावल का सही टेक्सचर बनाए रखना जरूरी है.
जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं.
लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. अमर उजाला में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं.
ट्रैवल उनका इंटरेस्ट एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं




























































