पुलिस ने उनकी बहू शालू के बाद अब बेटे सुब्रत को भी गिरफ्तार किया है। हालांकि पूछताछ में सुब्रत ने हत्या में अपनी संलिप्तता से साफ तौर पर इनकार किया है। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच अब परिवार के भीतर तक पहुंच गई है। पुलिस ने उनकी बहू शालू के बाद अब बेटे सुब्रत को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस को 24 घंटे की मिली रिमांड के दौरान हुई पूछताछ और सामने आए कॉल रिकॉर्ड, CCTV और आर्थिक लेनदेन से जुड़े तथ्यों के आधार पर पुलिस सुब्रत की कथित भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, पूछताछ में सुब्रत ने हत्या में अपनी संलिप्तता से साफ तौर पर इनकार किया है। पुलिस रिमांड में आमने-सामने हुई पूछताछ
कानपुर के चर्चित विनीत मिनोचा हत्याकांड में 23 सितंबर को पुलिस को आरोपियों की रिमांड मिलने के बाद जांच तेज हुई। कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने जेल में पहले से बंद आरोपी बहू शालू, बेटे सुब्रत और विशाल को आमने-सामने बैठाकर कई घंटे पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान सामने आए बयानों और पहले से जुटाए गए साक्ष्यों को मिलाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इसी प्रक्रिया के बाद सुब्रत की गिरफ्तारी की गई। ऐसे में पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि सुब्रत और हत्या के आरोपी बनाए गए विशाल के बीच लंबे समय से संपर्क था। कॉल डिटेल रिकॉर्ड में दोनों के बीच बड़ी संख्या में बातचीत दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह संपर्क किस वजह से था और हत्या से पहले तथा बाद की बातचीत का घटना से कोई संबंध था या नहीं। 258 से ज्यादा कॉल ने बढ़ाया शक
इस पूरे मामले में हत्याकांड के दौरान जांच का एक अहम आधार आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड को माना जा रहा हैं। पुलिस के मुताबिक विशाल और शालू के बीच करीब 28 कॉल हुईं, जबकि विशाल और सुब्रत के बीच 258 से ज्यादा कॉल की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा हत्या के आसपास की अवधि में विशाल द्वारा इस्तेमाल किए गए नए सिम कार्ड से की गई कॉल भी जांच के दायरे में हैं, पुलिस के अनुसार नए नंबर से की गई पांच कॉल सुब्रत के नंबर पर गई थीं। इन कॉल की अवधि, समय और घटनाक्रम से उनका संबंध पुलिस की जांच का हिस्सा है। अधिकारियों के मुताबिक कॉल रिकॉर्ड को फिलहाल परिस्थितिजन्य साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है और इसकी अन्य साक्ष्यों से पुष्टि की जा रही है। 22 जुलाई से बंद था घर का CCTV
मामले में एक और अहम बात सामने निकलकर आयी है, पुलिस को सुब्रत के घर का CCTV सिस्टम भी जांच में महत्वपूर्ण मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक घर का CCTV 22 जुलाई से बंद था। पुलिस इस बात की भी गहन पड़ताल कर रही है कि कैमरे किस परिस्थिति में बंद हुए और क्या इसका हत्या की घटना से कोई संबंध था। घटना वाली रात की गतिविधियों का भी पुलिस ने टाइमलाइन के आधार पर मिलान किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रात करीब 8:59 बजे सुब्रत और शालू घर से निकले। इसके कुछ देर बाद करीब 9:46 बजे विशाल और एक अन्य आरोपी विनीत मिनोचा के घर पहुंचे। करीब 9:56 बजे सुब्रत और शालू कॉस्मोजिन क्लब पहुंचे, जबकि रात 10:58 बजे विनीत मिनोचा अपने घर पहुंचे। पुलिस इन समय और आरोपियों की गतिविधियों को जोड़कर घटना की पूरी कड़ी तैयार कर रही है। पुलिस का मानना है इन सभी तथ्यों के मिलान के बाद पुलिस के हाथ हत्या को सुलझाने वाली एक अहम कड़ी जरूर सामने आएगी ।
20 लाख रुपये से ज्यादा कर्ज की भी जांच
पुलिस की जांच में सुब्रत की आर्थिक स्थिति भी पुलिस के रडार पर है। सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट के मुताबिक उस पर कथित रूप से करीब 20 लाख रुपये से अधिक की देनदारी थी। इसमें अलग-अलग वित्तीय संस्थानों और एक परिचित से लिए गए कर्ज का उल्लेख है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आर्थिक दबाव का हत्या की कथित साजिश से कोई संबंध था या नहीं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुब्रत को पिता की ओर से हर महीने करीब 25 हजार रुपये और शालू को लगभग 15 हजार रुपये खर्च के लिए मिलते थे। जो कि सूत्र बताते है कि प्रतिमाह दोनों के खर्चो के हिसाब से उन्हें कम लगते थे। ऐसे में अब पुलिस उसकी आर्थिक गतिविधियों और खर्च से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।
विशाल को पहचानने से इनकार पर भी सवाल
जांच में एक और बिंदु पुलिस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। CCTV फुटेज दिखाए जाने के दौरान सुब्रत और शालू ने शुरुआत में विशाल को पहचानने से इनकार किया था। बाद में शालू ने उसे पहचान लिया। पुलिस अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि शुरुआत में दोनों ने विशाल को पहचानने से इनकार क्यों किया और सुब्रत तथा विशाल के बीच पहले से संपर्क होने के बावजूद ऐसा बयान क्यों सामने आया। फिलहाल पुलिस कॉल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, आरोपियों की गतिविधियों और आर्थिक परिस्थितियों को एक साथ रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। सुब्रत की गिरफ्तारी के बाद मामले में एक नया पहलू जुड़ गया है और पुलिस यह स्थापित करने की कोशिश कर रही है कि हत्या की कथित साजिश में उसकी भूमिका क्या थी।
जांच में पुलिस के सामने अब भी कई सवाल?
अब जांच का फोकस इस बात पर है कि विशाल और सुब्रत के बीच इतनी बातचीत किस सिलसिले में हुई, नया सिम इस्तेमाल करने के बाद विशाल ने सुब्रत को ही कॉल क्यों की, सुब्रत के घर का CCTV लंबे समय तक क्यों बंद रहा और हत्या वाली रात सभी आरोपियों की गतिविधियां किस तरह एक-दूसरे से जुड़ी थीं। इन सभी तरह के सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच और आरोपियों से पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल पुलिस जिन तथ्यों को आधार बनाकर कार्रवाई कर रही है, वह जांच का हिस्सा हैं और अदालत में इनकी पुष्टि होना अभी बाकी है।
































































