उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज

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यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा-भाजपा में शामिल होने के लिए अखिलेश यादव मुझसे मिले थे कानपुर पहुंचे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। कैबिनेट मंत्री राकेश सचान की सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात को लेकर उठ रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच मौर्य ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ‘सपा प्रमुख अखिलेश यादव हमसे मिले थे, भाजपा में शामिल होने के लिए। मौर्य ने यह बात राकेश सचान के सपा में जाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कही। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि बहुत से लोग इसे तंज भरा अंदाज मान रहे है। राकेश सचान-अखिलेश मुलाकात पर सियासत तेज
दरअसल, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और अखिलेश यादव की मुलाकात को लेकर राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। इसी को लेकर जब केशव प्रसाद मौर्य से सवाल किया गया तो उन्होंने पलटकर कहा कि अखिलेश यादव खुद भाजपा में शामिल होने के लिए उनसे मिले थे। हालांकि, मौर्य ने अपने इस दावे के समर्थन में बातचीत की कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की। 

अखिलेश के PDA पर केशव का हमला
केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर भी निशाना साधा। उन्होंने PDA का अर्थ ‘परिवार डेवलपमेंट एजेंसी’ और ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ बताते हुए सपा की राजनीति पर सवाल उठाए। मौर्य ने आरोप लगाया कि सपा का PDA गुंडों, अपराधियों, माफिया और दंगाइयों को संरक्षण देने वाला मंच है। ये आरोप मौर्य ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी सपा के खिलाफ लगाए हैं। 

2027 में प्रचंड बहुमत की सरकार का दावा
डिप्टी सीएम ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी भाजपा की सरकार बनने का दावा किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा फिर सरकार बनाएगी और पार्टी को प्रचंड बहुमत मिलेगा। मौर्य ने सपा को लेकर कहा कि 2027 तो छोड़िए, 2047 तक भी समाजवादी पार्टी सत्ता में नहीं आएगी। इससे पहले भी वह 2047 तक सपा के सत्ता में नहीं आने का दावा सार्वजनिक रूप से कर चुके हैं। 

मतदाता सूची और SIR पर क्या कहा
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर भी केशव मौर्य ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए शुद्ध मतदाता सूची जरूरी है। मौर्य ने SIR की प्रक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि चुनाव आयोग मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम कर रहा है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच राजनीतिक बहस जारी है।

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