सहारनपुर में नकली सिक्कों की बड़ी फैक्ट्री का पर्दाफाश, 70 करोड़ के खेल में 5 गिरफ्तार

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रायबरेली : जिले में 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट पकड़े जाने के बाद पुलिस ने जाली करेंसी के खिलाफ एक और बड़ा प्रहार किया है। कोतवाली नगर पुलिस, एसओजी, स्वाट और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने तीतरों क्षेत्र में चल रही जाली सिक्कों की फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बाजार में 70 करोड़ रुपये से अधिक के नकली सिक्के खपाने के खेल में शामिल था।
​बरामदगी और मुख्य बिंदु
​बरामद सामान: मौके से 1.28 लाख रुपये कीमत के ₹20 के 6,400 तैयार सिक्के, करीब ₹5 लाख के अधबने सिक्के, 6 मशीनें, 59 डाई, 8 मोबाइल और 7 हिसाब के रजिस्टर बरामद हुए।
​बनाने और बेचने का गणित: गिरोह रोजाना 10 से 12 हजार सिक्के तैयार करता था। एक सिक्का बनाने में ₹5-6 का खर्च आता था, जिसे एजेंटों को ₹12-15 में बेचा जाता था।
​खपाने का नेटवर्क: इन जाली सिक्कों को शराब के ठेकों, टोल प्लाजा और किराना दुकानों पर कमीशन देकर चलाया जाता था। शराब के ठेके इस गिरोह का सबसे बड़ा ठिकाना बने हुए थे।
​2001 से सक्रिय था मास्टरमाइंड
मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह (निवासी मोहाली, पंजाब) है, जो साल 2001 से इस अवैध धंधे में शामिल है। 2017 में दिल्ली पुलिस ने उस पर ₹1 लाख का इनाम घोषित कर गिरफ्तार किया था।
​कई राज्यों तक फैले हैं तार
जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट का जाल पंजाब, बिहार, भदोही, बदायूं और पश्चिमी यूपी तक फैला हुआ है। पुलिस फिलहाल जब्त दस्तावेजों और रजिस्टरों की मदद से सप्लाई चेन खंगाल रही है और आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।

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