देवरिया के मनीष सिंह उर्फ मोनू हत्याकांड में शनिवार की सुबह हुए एनकाउंटर

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और उसमें मुख्य आरोपी चाइना अंसारी की उत्तर प्रदेश के देवरिया के भलुअनी में 10 सितंबर को हुई मनीष सिंह उर्फ मोनू की हत्या से गुस्साई भीड़ रविवार को एक बार फिर सड़क पर उतर आई और पुलिस को सांसत में डाल दिया। जबकि पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी चाइना अंसारी को रविवार की भोर में एक एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। एनकाउंटर में चाइना अंसारी के पैर में गोली लगी है। लोगों के बीच इसे हाफ एनकाउंटर बताते हुए असंतोष जताया जा रहा है और फुल एनकाउंटर की मांग की जा रही है। ऐसी मांग जिसकी इजाजत कानून नहीं देता, देवरिया पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन गई। लोगों ने भलुअनी थाने का घेराव कर दिया और करीब दो घंटे तक हंगामा करते रहे। बाद में लोगों ने 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस दौरान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई नहीं की तो भलुअनी कस्बे के गांधी चौक पर जाम लगा देंगे। इस चेतावनी के साथ लोग थाने से लौट गए। भलुअनी कस्बा के रहने वाले मनीष सिंह मोनू की गुरुवार की रात चाकू से गोद कर हत्या कर दी गई। आरोप है कि मोनू ने एक सितंबर को थाने पहुंचकर तहरीर देते हुए आरोपियों से अपनी जान-माल का खतरा बताया था लेकिन पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मनीष सिंह उर्फ मोनू की हत्या के बाद आक्रोशित लोगों ने 11 सितंबर को पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचते ही भलुअनी में सड़क जाम कर दिया था। मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद एसपी ने प्रभारी निरीक्षक राकेश राय, दारोगा और सिपाही को सस्पेंड कर दिया था। रविवार की सुबह-सुबह खबर आई कि पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी चाइना अंसारी को एक एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सोनाड़ी क्षेत्र में हथियार बरामदगी की कार्रवाई के दौरान चाइना ने एक दरोगा की पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में उसे पैर में गोली लगी। चाइना अंसारी को इलाज के लिए देवरिया के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहीं मनीष सिंह उर्फ मोनू की हत्या के बाद से ही आक्रोशित लोगों को रविवार की सुबह जब यह सूचना मिली तो वे असंतुष्ट हो गए।

लोगों का असंतोष इस बात पर है कि एनकाउंटर में आरोपी के पैर में गोली लगी। लोग आरोपी के फुल एनकाउंटर की मांग करते हुए थाने पहुंच गए। थानें में उन्होंने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। लोगों ने कहा कि कि पहली बार तो पुलिस की लापरवाही से मोनू की हत्या हुई है। आरोपी ने जघन्य तरीके से घटना को अंजाम दिया है। एक बार नहीं, दो दर्जन से अधिक बार चाकू से प्रहार किया गया है। ऐसे जघन्य अंजाम देने वाले आरोपी को केवल पैर में गोली मारी गई है। जान का बदला जान होना चाहिए। हाफ एन्काउंटर हम लोगों को कबूल नहीं है। पुलिस फुल एन्काउंटर करे, तब ही हम लोग मानेंगे। सांसत में पुलिस, लोगों को समझाए तो कैसे?

उधर, लोगों की ऐसी मांग से देवरिया पुलिस सांसत में पड़ गई है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने की काफी कोशिश की कि हाफ या फुल कोई भी एनकाउंटर किसी की मांग या पुलिस की इच्छा से नहीं होता। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की पहली कोशिश आरोपी को पकड़कर कानून के सामने पेश करने की होती है ताकि अदालत उसके गुनाह का इंसाफ कर सके। कभी-कभी गिरफ्तारी के वक्त आरोपी पुलिस पर हमला कर देते हैं और आत्मरक्षा में पुलिस को मजबूरन गोलियां चलानी पड़ती हैं। तब भी पहली कोशिश आरोपी के पैर पर निशाना साधने की होती है ताकि उसे जिंदा गिरफ्तार किया जा सके।

इस मामले में भी यही हुआ है। पुलिस ने चाइना अंसारी को एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया है। उसे कानून के सामने पेश कर कानून के मुताबिक उसके किए की सजा दिलाई जाएगी। उधर, प्रदर्शन कर लोग पुलिस की कोई बात सुनने को तैयार नहीं थे। वे दो घंटे तक थाने पर प्रदर्शन और हंगामा करते रहे। पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही इस मामले में फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए लोग अपने घरों को लौट गए।

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