रायबरेली : जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित महात्मा गांधी सभागार में विकसित भारत-जी राम जी योजना के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पंच सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
पंच सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जनपद की ग्राम पंचायतों में समग्र, व्यवस्थित एवं सतत विकास को सुनिश्चित करना तथा विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर आवश्यक विकास कार्यों की प्राथमिकता निर्धारित करते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना रहा। सम्मेलन में जनपद के खण्ड विकास अधिकारियों, ग्राम पंचायत सचिवों एवं ग्राम प्रधानों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायतें विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। ग्राम पंचायतों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों का चयन किया जाए। उन्होंने ग्राम प्रधानों एवं सचिवों से कहा कि ग्राम पंचायत की वर्तमान स्थिति, स्थानीय आवश्यकताओं तथा उपलब्ध संसाधनों का समुचित आकलन करते हुए ठोस, व्यवहारिक एवं परिणाम परक ग्राम पंचायत विकास कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों में ग्राम पंचायत की प्राथमिक आवश्यकताओं को विशेष महत्व दिया जाए। विकास कार्यों के चयन एवं क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले कार्यों का लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों तक पहुंचे और विकास कार्यों का स्थायी एवं सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे, यह सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों एवं सचिवों को योजना की भावना एवं उद्देश्यों को समझते हुए आपसी समन्वय से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पंच सम्मेलन के माध्यम से ग्राम स्तर पर विकास की आवश्यकताओं पर व्यापक चर्चा कर बेहतर कार्ययोजना तैयार करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों को योजना के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि योजना का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
सम्मेलन के दौरान विकसित भारत-जी राम जी योजना के विभिन्न प्रावधानों, ग्राम पंचायत स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया, विकास कार्यों के चयन, प्राथमिकता निर्धारण एवं योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में ग्राम प्रधानों एवं सचिवों को जानकारी दी गई। प्रतिभागियों द्वारा योजना से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा भी की गई तथा उनके सुझाव एवं जिज्ञासाओं पर अधिकारियों द्वारा आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों एवं सचिवों से अपेक्षा की गई कि वे ग्राम पंचायतों में विकास की वास्तविक आवश्यकताओं को चिन्हित कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें तथा ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए ग्राम पंचायतों को विकास की बेहतर दिशा प्रदान करें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, उपायुक्त श्रम रोजगार प्रमोद सिंह सहित जनपद के समस्त संबंधित खण्ड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।
























































