रायबरेली : जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में बाढ़ एवं सूखा प्रबंधन से संबंधित समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता किसी भी दशा में क्षम्य नहीं होगी। सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध, प्रभावी एवं आपसी समन्वय के साथ निर्वहन सुनिश्चित करें। निर्देशों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं प्रचलित नियमों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को विशेष रूप से निर्देशित किया कि बाढ़ एवं वर्षा के दृष्टिगत एंटी स्नेक वेनम तथा एंटी रेबीज वैक्सीन/इम्युनोग्लोबुलिन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाओं एवं जीवनरक्षक औषधियों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहे तथा आकस्मिक परिस्थितियों में तत्काल चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए। आपदा प्रबंधन से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा संसाधनों की कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं प्रचलित नियमों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को बाढ़ एवं अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर जनहानि, पशुहानि, मकान एवं फसल क्षति का समयबद्ध आकलन करते हुए पात्र प्रभावितों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तटबंधों, नदियों, नालों एवं संवेदनशील स्थलों की सतत निगरानी करते हुए कटान एवं जलस्तर की स्थिति पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने नगर निकाय एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों में जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था, नालियों की सफाई तथा आवश्यकतानुसार पंप एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने पशु पशुपालन विभाग के अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, पेयजल एवं आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था तथा टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को बाढ़ एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में विद्युत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों एवं ट्रांसफार्मरों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए। साथ ही ट्रांसफार्मर, केबल, विद्युत पोल एवं अन्य आवश्यक विद्युत सामग्री का पर्याप्त स्टॉक सुरक्षित रखा जाए, ताकि आपदा की स्थिति में विद्युत व्यवस्था को तत्काल बहाल किया जा सके। विद्युत आपूर्ति की बहाली में अनावश्यक विलंब अथवा तैयारियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा।
खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी को बाढ़ एवं सूखा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न की पर्याप्त उपलब्धता एवं निर्बाध वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को अतिवृष्टि एवं सूखे की स्थिति को देखते हुए फसलों की नियमित निगरानी तथा प्रभावित किसानों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन एवं विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने पी डब्लू डी विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों, पुल-पुलियों एवं संपर्क मार्गों की सतत निगरानी कर आवागमन बाधित होने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अग्निशमन एवं रेस्क्यू टीम के अधिकारियों को रेस्क्यू उपकरण, नाव, लाइफ जैकेट एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता सुनिश्चित रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने समस्त विभागीय अधिकारियों को पुनः कड़े निर्देश देते हुए कहा कि आपदा की स्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता, सूचना देने में विलंब अथवा निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा। संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं प्रचलित नियमों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। सभी अधिकारी अपने-अपने विभाग की तैयारियों की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सहदेव मिश्र, समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, जिला आपदा विशेषज्ञ अंकित पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।























































