संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सर्विस परीक्षा (CSE) देश की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती है। इसे क्रैक करने के लिए लोगों को कड़ी मेहनत और संघर्ष से गुजरना पड़ता है। लेकिन कुछ उम्मीदवार ऐसे होते हैं, जो अपनी जिद और जुनून के आगे हार नहीं मानते हैं और एक ना एक दिन सफलता हासिल कर लेते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है हरियाणा के रहने वाले विकास कुंडू की। बचपन से ही आईएएस बनने का सपना था। बस इसी संकल्प को पूरा करने के लिए उन्होंने एड़ी चोटी का जोर लगाया। यूपीएससी के सफर में कई बार असफलताएं हासिल हुई, समाज के ताने सहे, लेकिन हार नहीं मानी। इसी का नतीजा रहा कि पहले यूपीएससी क्रैक कर आईपीएस बने, फिर अगले प्रयास में इस कठिन परीक्षा को क्रैक कर आईएएस बनकर अपना लोहा मनवाया। चलिए आज हम आपको विकास कुंडू की सक्सेस स्टोरी बताते हैं।
कौन हैं विकास कुंडू
विकास कुंडू मूल रूप से जींद जिले के एक छोटे से गांव के ताल्लुक रखते हैं। विकास के पिता एक साधारण किसान हैं। घर में किसी के पास कोई बड़ी डिग्रियां नहीं थीं और ना ही कोई ऐसा था जो यूपीएससी के इस पेचीदा चक्रव्यूह को भेदने के गुर सिखा सके। लेकिन पढ़ाई-लिखाई की बात करें, तो वो बचपन से ही पढ़ाई में काफी होशियार थे। विकास ने 10वीं कक्षा द्रोणाचार्य स्कूल लोहचब और 12वीं कक्षा की पढ़ाई डीएवी स्कूल जींद से की थी। उसके बाद किरोड़ीमल कालेज दिल्ली से डिग्री की।
बचपन से था आईएस बनने का सपना
दिलचस्प बात ये है कि आईएएस बनने का कीड़ा उनके दिमाग में बचपन से नहीं था। ये ख्याल कॉलेज के दिनों में धीरे-धीरे उनके जहन में पनपा। माता-पिता भले ही पढ़े-लिखे नहीं थे लेकिन उन्होंने अपने बेटे के सपनों को सींचने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उनका यही खामोश सपोर्ट विकास के सफर की सबसे मजबूत नींव बन गया।
सहे समाज के ताने, फिर भी डटे रहे
यही वजह है कि ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी होने के साथ ही विकास ने सिविल सेवा के सपने को पूरा करने की राह पर कदम बढ़ाया। 2020 में उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी। लेकिन उनके लिए सफर आसान नहीं था। यूपीएससी की तैयारी की शुरुआत में उन्हें लगातार असफलताएं मिली थीं। इससे उनका मनोबल टूटने लगा था। वो एक इंटरव्यू में बताते हैं कि समाज और आस-पास के लोग उन्हें ताने देते हुए कहते थे कि नहीं हो रहा तो छोड़ दे, यह तेरे बस की बात नहीं है, कोई छोटी-मोटी ग्रुप सी या डी की नौकरी कर ले। इन तानो से उन्हें थोड़ी बहुत निराशा होती थी, लेकिन उन्होंने उम्मीद कभी नहीं खोया।
2 बार यूपीएससी किया क्रैक
यूपीएससी में लगातार उन्हें असफलताएं ही मिल रही थी। लेकिन उन्होंने अपनी कमजोरियों पर काम किया और पूरी लगन के साथ तैयारी जारी रखी। आखिरकारी, पांचवीं प्रयास में यूपीएससी में पहली बार सफलता मिली।
कितनी थी यूपीएससी रैंक
साल 2024 में उन्हें 288वीं रैंक मिली और वे IPS के लिए चयनित हुए। लेकिन उनका सपना था आईएएस बनना। इसलिए उन्होंने एक और प्रयास किया। आईपीएस में चयनित होने के बाद विकास कुंडू हैदराबाद में ट्रेनिंग ले रहे थे। तभी यूपीएससी 2025 का रिजल्ट जारी हुआ। इस बार विकास कुंडू ने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया में 27वीं रैंक हासिल की। इस तरह वो आईपीएस से आईएएस के लिए चयनित हुए।




























































