केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं पर ऐसा आरोप लग गया कि हाईकोर्ट भी हैरान रह गया। आरोप था कि भाजपा के लोगों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। इस मामले की सुनवाई के दौरान कर्नाटक हाईकोर्ट के जज हैरान हो गए। उन्होंने कहा कि यह कल्पना भी नहीं किया जा सकता है कि भाजपा के नेता ऐसे नारे लगाएंगे। बाद में हाईकोर्ट ने पार्टी के कुछ नेताओं के खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही के मामले को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस बात की संभावना बेहद कम है कि बीजेपी जैसी पार्टी के सदस्य इस तरह का नारा लगाएंगे। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस वी श्रीशानंद ने याचिकाकर्ताओं की इस दलील को स्वीकार कर लिया कि यह नारा गलती से और ‘जुबान फिसलने’ की वजह से लगा था। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि उनके मुंह से ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ की जगह गलती से ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ निकल गया था।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
इन दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामला खारिज कर दिया। HC ने कहा, “सबसे पहली बात, भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित प्रदर्शन में इस बात की कल्पना भी नहीं की जा सकती कि वहां मौजूद प्रदर्शनकारी ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाएंगे। ऐसे में याचिकाकर्ता के इस तर्क पर विचार करने की जरूरत है कि गलती से उनके मुंह से ‘मुर्दाबाद’ की जगह ‘जिंदाबाद’ शब्द निकल गया।”
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक 18 दिसंबर 2022 को भाजपा के कुछ नेताओं ने एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया था। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगाने का आरोप लगा। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि इस नारे को सुनकर वह मानसिक रूप से बहुत परेशान हुआ था। उसने शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की। वहीं आरोपियों के खिलाफ मंडा के वेस्ट पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 153B और 505(1)(B) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया था। हालांकि इस मामले के खिलाफ HC में अर्जी दायर की गई। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि यह नारा अनजाने में लगा था और समाज में अशांति फैलाने या किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाने का उनका कोई इरादा नहीं था। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले को रद्द कर दिया। कोर्ट ने नोट किया कि कथित घटना के लगभग दो साल बाद केवल एक वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर शिकायत दर्ज की गई थी।






























































