रायबरेली। जनपद के एक गांव में ग्राम प्रधान के बेटे की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी के बयान ने प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर दावा किया है कि उसे पुलिस ने ही हत्या करने के लिए कहा था। आरोपी ने मृतक पर अपनी पत्नी से जबरन मिलने आने का गंभीर आरोप भी लगाया है।
पत्नी से मिलने का विरोध और विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक ग्राम प्रधान का बेटा था। आरोपी का आरोप है कि मृतक उसकी पत्नी से मिलने जबरन उसके घर आया करता था। घटना के दिन इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने प्रधान के बेटे की हत्या कर दी। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है और मृतक के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
पूछताछ में आरोपी ने सबसे बड़ा और सनसनीखेज दावा पुलिस की भूमिका को लेकर किया। उसने कथित तौर पर कहा, “पुलिस ने कहा था मार दो, मैंने मार दिया।” आरोपी के इस दावे के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। हालांकि, पुलिस महकमे या जांच एजेंसियों की तरफ से इस बयान की कोई आधिकारिक या स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और जांच एजेंसियां घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी का यह बयान महज कानूनी कार्रवाई से बचने की साजिश है या इसमें कोई सच्चाई है। पुलिस मामले की निष्पक्षता साबित करने के लिए निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर साक्ष्य जुटा रही है:
फॉरेंसिक व पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट: हत्या के तरीके और समय का सटीक आकलन।
डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य: सीसीटीवी फुटेज और आरोपी व मृतक के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR)।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान: घटना के समय मौके पर या आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ।
फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर विधिक कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि निष्पक्ष जांच और ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



























































