नीट यूजी पेपर लीक पर मचे बवाल के बाद एनटीए ने बड़े पैमाने पर बदलाव किए

0
7

नीट यूजी, जेईई मेन, सीयूईटी जैसी परीक्षाओं का प्रश्न पत्र तैयार करने, अनुवाद करने, जांचने जैसे कई गोपनीय सरकार की परीक्षा एजेंसी ने 600 विषय विशेषज्ञों को हटाने के बाद 5000 से अधिक एक्सपर्ट्स का एक नया पैनल तैयार किया है। ये एक्सपर्ट्स नीट यूजी, जेईई मेन, यूजीसी नेट, सीयूईटी यूजी जैसे तमाम एनटीए परीक्षाओं के प्रश्न पत्र तैयार करने, अनुवाद करने, जांचने, मॉडरेशन, आंसर की वेरिफिकेशन, सिलेबस मैपिंग, रिसर्च, साइकोमेट्रिक वैलिडेशन और अन्य गोपनीय कार्य करेंगे। इन विशेषज्ञों में शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, प्रोफेशनल्स, शिक्षकों, अनुवादकों और मॉडरेटरों को शामिल किया है।

आपको बता दें कि इस साल मई में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी का पेपर लीक हो गया था जिसके चलते देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। एनटीए ने लगभग 600 विषय विशेषज्ञों को हटा दिया था। इसके अलावा एजेंसी ने अपना मुख्यालय दक्षिण-पूर्व दिल्ली के ओखला इलाके से हटाकर मिंटो रोड स्थित गवर्नमेंट ऑफ इंडिया प्रेस की इमारत में ट्रांसफर कर दिया है।

नीट यूजी पेपर लीक पर मचे बवाल के बाद एनटीए ने बड़े पैमाने पर बदलाव किए हैं। सरकार की परीक्षा एजेंसी ने 600 विषय विशेषज्ञों को हटाने के बाद 5000 से अधिक एक्सपर्ट्स का एक नया पैनल तैयार किया है। ये एक्सपर्ट्स नीट यूजी, जेईई मेन, यूजीसी नेट, सीयूईटी यूजी जैसे तमाम एनटीए परीक्षाओं के प्रश्न पत्र तैयार करने, अनुवाद करने, जांचने, मॉडरेशन, आंसर की वेरिफिकेशन, सिलेबस मैपिंग, रिसर्च, साइकोमेट्रिक वैलिडेशन और अन्य गोपनीय कार्य करेंगे। इन विशेषज्ञों में शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, प्रोफेशनल्स, शिक्षकों, अनुवादकों और मॉडरेटरों को शामिल किया है।

आपको बता दें कि इस साल मई में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी का पेपर लीक हो गया था जिसके चलते देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। एनटीए ने लगभग 600 विषय विशेषज्ञों को हटा दिया था। इसके अलावा एजेंसी ने अपना मुख्यालय दक्षिण-पूर्व दिल्ली के ओखला इलाके से हटाकर मिंटो रोड स्थित गवर्नमेंट ऑफ इंडिया प्रेस की इमारत में ट्रांसफर कर दिया है।

तीन साल के लिए पैनालिस्ट

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सुधारों के तहत NTA ने शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शिक्षकों और अन्य लोगों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) आमंत्रित किए हैं ताकि वे विषय विशेषज्ञों और अनुवादकों के तीन साल के पैनल में शामिल हो सकें। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाल से बताया गया है कि विषय विशेषज्ञों, मॉडरेटरों और अनुवादकों सहित 5000 से अधिक विशेषज्ञों को NTA के पैनल में जोड़ा गया है। सूत्रों ने कहा, ‘हम उन्हें नौकरी पर नहीं रख रहे हैं। बल्कि कई स्तरों की जांच और सत्यापन के बाद उन्हें पैनल में शामिल किया जा रहा है। NTA परीक्षाएं आयोजित करने के लिए अपना एक बड़ा प्रश्न बैंक तैयार कर रहा है। यह प्रश्नों का एक ऐसा साझा पूल होगा जिससे पेपरनीट

लीक होने की संभावना को रोका जा सके। एनटीए ने अनुवादकों और विषय विशेषज्ञों को पैनल में शामिल करने के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की है। EOI की प्रक्रिया खुली रहेगी और पूरे साल विशेषज्ञों को पैनल में जोड़ा जाता रहेगा।’

पिछले महीने एनटीए ने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की ओर से ट्रांसलेट की गई सामग्री की समीक्षा के लिए विषय विशेषज्ञों और अनुवादकों को पैनल में शामिल करने के लिए EOI आमंत्रित किया था। इस योजना का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि विषय विशेषज्ञ और अनुवादक जब प्रश्न पत्र तैयार करें, तो उन्हें यह पता न हो कि कौन सा प्रश्न पूछा जाएगा, या ये प्रश्न किस परीक्षा के लिए हैं।

बहुत बड़ा होगा प्रश्न बैंक, नहीं रख पाएंगे याद

सूत्रों के अनुसार प्रश्न बैंक इतना विशाल होगा कि प्रश्न पत्र तैयार करने वालों या अनुवादकों के लिए प्रश्नों को याद रखना और उन्हें दोबारा लिख ​​पाना संभव नहीं होगा।

चार चरणों में होगी विशेषज्ञों की जांच

एनटीए के अधिकारियों के मुताबिक विषय विशेषज्ञों को पैनल में शामिल करने से पहले चार स्तरों पर जांच की जाती है

1. पहला चरण: आवेदक की व्यक्तिगत जानकारी, पात्रता, शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव की जांच की जाती है।

2. दूसरा चरण: सभी जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है।

3. तीसरा चरण: NTA की विषय विशेषज्ञ समिति आवेदक की शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध कार्य और प्रश्नपत्र तैयार करने के अनुभव का मूल्यांकन करती है।

4. चौथा चरण: आवेदक की पृष्ठभूमि की जांच की जाती है। यह भी देखा जाता है कि उसका किसी कोचिंग संस्थान से संबंध तो नहीं है या उसने छात्रों के लिए प्रश्न बैंक तैयार तो नहीं किया है।

अधिकारियों ने बताया कि केवल वे लोग ही शॉर्टलिस्ट किए जाते हैं जो इन चरणों को पार कर लेते हैं। अधिकारी ने कहा, “एजेंसी ने यह भी तय किया है कि गोपनीय काम कैसे किया जाना चाहिए। पैनल में शामिल विशेषज्ञों को शामिल होते समय एक विस्तृत नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने होते हैं और हर नए काम की शुरुआत में उन्हें फिर से इसकी पुष्टि करनी होती है।”

परीक्षा से कुछ मिनट पहले तैयार हो सकता है प्रश्नपत्र

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि NTA ने प्रश्न बैंक पर काम करना शुरू कर दिया है ताकि परीक्षा से कुछ मिनट पहले ही प्रश्न चुने जा सकें और प्रश्न पत्र को अंतिम रूप दिया जा सके। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि पेपर लीक होने से रोका जा सके। अधिकारी ने कहा, “एनटीए ने अपनी कुछ प्रवेश परीक्षाओं के लिए इसे लागू करना शुरू भी कर दिया है।”

कौन कौन सी परीक्षाएं कराता है एनटीए

जेईई मेन

नीट यूजी

सीयूईटी यूजी

सीयूईटी पीजी

यूजीसी नेट

सीएसआईआर नेट

नीट यूजी को छोड़कर बाकी परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाती हैं।

किसी एक कंपनी या तकनीक पर निर्भर नहीं रहेगा NTA

सूत्रों ने यह भी बताया कि एनीटए अब परीक्षा आयोजन के लिए ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर भी काम कर रहा है जिसमें पूरी प्रक्रिया किसी एक निजी कंपनी (वेंडर), तकनीक या प्लेटफॉर्म पर निर्भर न रहे। इसे एग्जाम-एग्नोस्टिक अप्रोच कहा जा रहा है। इसका उद्देश्य परीक्षा आयोजन की प्रक्रिया को अधिक स्वतंत्र, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है, ताकि भविष्य में किसी एक सेवा प्रदाता या तकनीकी व्यवस्था में समस्या आने पर परीक्षाओं का संचालन प्रभावित न हो।

LEAVE A REPLY