गूगल ने भारत से जुड़ी ऑनलाइन बाल यौन शोषण मामलों की जानकारी सीधे भारतीय एजेंसियों को देने पर सहमति जताई

0
4

अब ऐसे मामलों की सूचना पहले अमेरिका की संस्था नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन को भेजने की जरूरत नहीं होगी। इससे भारतीय पुलिस को खतरे में फंसे बच्चों तक जल्दी पहुंचने में मदद मिल सकती है।

गूगल के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि कंपनी बाल यौन शोषण का पता लगाने, उसे रोकने, हटाने और रिपोर्ट करने के लिए काफी निवेश करती है। भारत ने बड़ी टेक कंपनियों को रिपोर्टिंग तेज करने को कहा था

भारत सरकार ने बड़ी टेक कंपनियों से बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री की रिपोर्टिंग तेज करने को कहा था। खासकर उन मामलों में, जहां किसी बच्चे पर तत्काल खतरा हो सकता है।

भारतीय अधिकारियों का कहना था कि अमेरिका स्थित संस्था के जरिए रिपोर्ट भेजने में देरी होती है। इससे खासकर उस समय परेशानी बढ़ती है, जब किसी बच्चे को तत्काल खतरा हो और पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी हो। मेटा ने भी बदली रिपोर्टिंग व्यवस्था

यह फैसला मेटा की पिछले सप्ताह की घोषणा के बाद आया है। मेटा ने भी भारत में बाल यौन शोषण से जुड़े मामलों की जानकारी सीधे संबंधित भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को देने पर सहमति जताई थी।

सरकारी सूत्रों ने उस समय कहा था, “भारत में किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के संचालन के लिए बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा बुनियादी सिद्धांत है। इस पर कोई समझौता नहीं होगा।

LEAVE A REPLY