समय के साथ आटे के रंग और बनावट में बदलाव ला सकते हैं. फ्रिज का ठंडा तापमान इस प्रक्रिया को धीमा जरूर करता है. How To Store Kneaded Atta In Fridge Freshly: रोटी या चपाती भारतीय घरों के खाने का अहम हिस्सा है. रोजाना रोटी बनाने के लिए ज्यादातर घरों में आटा गूंथा जाता है. कई बार समय बचाने के लिए लोग जरूरत से थोड़ा ज्यादा आटा गूंथ लेते हैं और बचे हुए आटे को फ्रिज में रख देते हैं. लेकिन कुछ घंटों बाद जब यही आटा फ्रिज से बाहर निकाला जाता है, तो उसका रंग हल्का काला या ग्रे नजर आने लगता है. कई बार आटे की ऊपरी परत का रंग बाकी आटे से अलग दिखाई देता है.
ऐसे में सबसे पहला सवाल यही आता है कि आखिर फ्रिज में रखने के बावजूद आटा काला क्यों पड़ गया? क्या यह सिर्फ रंग बदलने की वजह है या फिर ऐसा आटा खाना नुकसानदायक हो सकता है? साथ ही, आटे को किस तरह स्टोर किया जाए ताकि वह ज्यादा देर तक ताजा और इस्तेमाल करने लायक बना रहे? आइए जानते हैं.
आटा काला पड़ने की सबसे बड़ी वजह क्या है?
गूंथे हुए आटे के रंग में बदलाव की सबसे आम वजह ऑक्सीडेशन मानी जाती है. जब गेहूं के आटे में पानी मिलाकर उसे गूंथा जाता है, तो वह हवा के संपर्क में आता है. हवा में मौजूद ऑक्सीजन आटे में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिकों के साथ प्रतिक्रिया करती है. समय बीतने के साथ इस प्रक्रिया के कारण आटे का रंग हल्का गहरा या ग्रे दिखाई दे सकता है. गेहूं में मौजूद प्राकृतिक एंजाइम भी इस बदलाव में भूमिका निभा सकते हैं. आटा गूंथने के बाद भी ये एंजाइम पूरी तरह खत्म नहीं होते और समय के साथ आटे के रंग और बनावट में बदलाव ला सकते हैं. फ्रिज का ठंडा तापमान इस प्रक्रिया को धीमा जरूर करता है, लेकिन हमेशा पूरी तरह रोक नहीं पाता
आटा गूंथते समय पानी की मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी है. जरूरत से ज्यादा पानी डालने पर आटा बहुत नरम और नम हो जाता है. अधिक नमी की वजह से उसमें होने वाली रासायनिक और जैविक प्रक्रियाएं तेजी से हो सकती हैं, जिससे रंग और टेक्सचर में बदलाव आने की संभावना बढ़ जाती है. इसके अलावा, अगर आटा बहुत देर तक रखा हुआ है, तो उसमें धीरे-धीरे खमीर उठने या फर्मेंटेशन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. ऐसे में आटे का रंग थोड़ा गहरा होने के साथ उसमें हल्की खट्टी गंध भी आ
गूंथे हुए आटे को जिस बर्तन में रखा जा रहा है, उसकी सफाई का भी ध्यान रखना चाहिए. अगर कंटेनर साफ नहीं है या उसमें पहले से खाने के अवशेष और नमी मौजूद है, तो आटा जल्दी खराब हो सकता है. ऐसी स्थिति में सिर्फ रंग बदलने के बजाय आटे में चिपचिपापन, असामान्य गंध या दूसरी खराबी के संकेत भी दिखाई दे सकते हैं. पुराने आटे से भी ऐसी समस्या ज्यादा देखने को मिल सकती है. इसलिए आटा खरीदते समय उसकी ताजगी और अच्छी क्वालिटी का ध्यान रखना जरूरी है.
आटे को फ्रेश रखने के लिए ऊपर लगाएं थोड़ा तेल
गूंथे हुए आटे को फ्रिज में रखने से पहले उसकी सतह पर तेल की बहुत पतली परत लगा सकते हैं. तेल आटे और हवा के सीधे संपर्क को कुछ हद तक कम करता है, जिससे ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया धीमी हो सकती है. इसके साथ ही आटे की सतह सूखने से भी बचती है. ध्यान रखें कि तेल की बहुत ज्यादा मात्रा लगाने की जरूरत नहीं है. बस इतनी मात्रा पर्याप्त है कि आटे की पूरी सतह पर हल्की कोटिंग हो जाए.
हमेशा एयरटाइट कंटेनर में रखें
आटे को खुले बर्तन या बिना ढके फ्रिज में रखने से बचें. इसे अच्छी तरह बंद होने वाले एयरटाइट कंटेनर में रखना बेहतर होता है. इससे आटा फ्रिज की हवा, दूसरी चीजों की गंध और अनावश्यक नमी के संपर्क से बचा रहता है. कंटेनर में रखने से पहले यह भी सुनिश्चित करें कि वह पूरी तरह साफ और सूखा हो.
जरूरत के हिसाब से छोटे हिस्सों में रखें
अगर आपको पहले से आटा गूंथकर रखना ही है, तो उसे एक ही बड़े हिस्से में रखने के बजाय छोटी-छोटी मात्रा में बांटकर रख सकते हैं. इसका फायदा यह है कि हर बार पूरे आटे को बाहर निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जितना आटा चाहिए, उतना ही हिस्सा बाहर निकालें और बाकी को दोबारा फ्रिज में रख दें. इससे बार-बार होने वाले तापमान परिवर्तन और हवा के संपर्क को कम किया जा सकता है.
आटा कितनी देर तक इस्तेमाल करना चाहिए?
फ्रिज में रखा आटा भी हमेशा के लिए सुरक्षित नहीं रहता. बेहतर है कि गूंथे हुए आटे को करीब 12 से 24 घंटे के भीतर इस्तेमाल कर लिया जाए. ज्यादा समय तक रखा हुआ आटा इस्तेमाल करने से पहले उसकी गंध, रंग और बनावट जरूर जांच लें. अगर आटे से असामान्य या तेज खट्टी गंध आ रही हो, वह जरूरत से ज्यादा चिपचिपा या स्लिमी हो गया हो, या उस पर फफूंदी जैसी कोई चीज दिखाई दे रही हो, तो उसे इस्तेमाल न करें और सुरक्षित तरीके से फेंक दें.
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