ब्रिक्स समिट के दौरान पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मीटिंग को लेकर चीन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया

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चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने आपसी राजनीतिक भरोसे को और मजबूत करने, मतभेदों, विरोधाभास को सही ढंग से संभालने और सीमावर्ती इलाकों में शांति स्थिरता बनाए रखने का संकल्प लिया. इसमें भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और आने वाले समय में दोनों देशों के बीच के संबंध का जिक्र किया गया है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने सोमवार (14 सितंबर 2026) को पीएम मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि चीन के साथ संबंधों को लेकर भारत का दृष्टिकोण किसी तीसरे पक्ष के प्रभाव से मुक्त है. उन्होंने कहा कि भारत अपनी जमीन पर किसी भी ताकत को चीन-विरोधी गतिविधियां नहीं करने देगा.

एक-दूसरे के साझेदार होने पर बनी सहमति

प्रधानमंत्री मोदी के साथ शी जिनपिंग की बैठक का जिक्र करते हुए वांग यी ने कहा कि दोनों नेताओं ने चीन-भारत संबंधों से जुड़े रणनीतिक, दीर्घकालिक और दिशा-निर्देश तय करने वाले मुद्दों पर खुलकर और विस्तार से बातचीत की. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच सबसे महत्वपूर्ण सहमति यह बनी कि चीन और भारत को साझेदार होना चाहिए. वांग के अनुसार, राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा कि चीन और भारत एक-दूसरे की अच्छाइयों का लाभ उठा सकते हैं, एक-दूसरे का समर्थन कर सकते हैं, सफलता पाने में एक-दूसरे की सहायता कर सकते हैं और साथ मिलकर विकास कर सकते हैं.

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि दोनों देशों के नेता सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं, साथ ही ब्रिक्स की बारी-बारी से मिलने वाली अध्यक्षता के दौरान दोनों देश एक-दूसरे का समर्थन करेंगे. उन्होंने कहा कि मोदी-जिनपिंग की बैठक ने व्यापक अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने आपसी राजनीतिक भरोसे को और मजबूत करने, मतभेदों और विरोधाभास को सही ढंग से संभालने और सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखने का संकल्प लिया.

सीमा से जुड़े मुद्दे पर क्या बात हुई? 

पीएम मोदी के साथ अपनी बैठक में जिनपिंग ने चीन और भारत का आह्वान किया कि वे आपसी सम्मान और समझदारी की राजनीतिक सूझबूझ का इस्तेमाल करके रुकावटों को दूर करें.  उन्होंने दोनों पक्षों से द्विपक्षीय संबंधों और सीमा से जुड़े मुद्दों पर साथ-साथ प्रगति करने का आग्रह किया, ताकि ये दोनों रास्ते एक-दूसरे को मजबूत करें और सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनी रहे.

चीनी विदेश मंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत चीन का दुश्मन नहीं, बल्कि साझेदार बनने के लिए तैयार है और एक-दूसरे के विकास को चुनौती के बजाय एक अवसर के रूप में देखता है. भारत और चीन दोनों ब्रिक्स को वैश्विक दक्षिण के लिए महत्वपूर्ण मंच मानते हैं, हालांकि उनकी प्राथमिकताओं में अंतर भी दिखाई देता है. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में मतभेद और चुनौतियां मौजूद हैं, लेकिन जलवायु परिवर्तन, विकास, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और विकासशील देशों के प्रतिनिधित्व जैसे कई मुद्दों पर साझा हित

विक्रम कुमार एबीपी न्यूज़ में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं और डिजिटल टीम का हिस्सा हैं. एबीपी लाइव के नेशनल डेस्क पर विक्रम देश और विदेश की राजनीति से जुड़ी खबरों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. ब्रेकिंग न्यूज़ पर इनका विशेष फोकस रहता है. देश-विदेश के बड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर लिखते रहते हैं. यूएस-ईरान युद्ध के दौरान इन्होंने कई इन-डेप्थ खबरें की हैं जिन पर कई मिलियन व्यूज आए. साल 2023 में प्रतिष्ठित जामिया मिल्लिया इस्लामिया से मास मीडिया हिंदी में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद एबीपी लाइव के साथ करियर की शुरुआत की.

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