मेरे पिता की वर्दी खून से सनी थी

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Kolkata: Security personnel conduct baton charge during a joint protest rally by Students Federation of India (SFI) along with Cockroach Janata Party demanding the resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan over the NEET paper leak issue, in Kolkata, West Bengal, Friday, July 24, 2026. (PTI Photo/Manvender Vashist Lav)(PTI07_24_2026_000476A)

दिल्ली के जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प में 5 आईपीएस अधिकारी समेत 180 पुलिसकर्मी घायल हुए। इस दौरान 60 प्रदर्शनकारी भी जख्मी हुए थे। शुक्रवार को घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना दर्द बयां किया।जवानों के परिजनों ने इंसाफ की मांग करते हुए बताया कि भीड़ ने पुलिस के ऊपर पत्थर फेंके और जूते-चप्पल से हमला किया। घायल एसीपी के बेटे ने कहा कि जंतर-मंतर में हुए प्रदर्शन में छात्र नहीं थे। उनके पिता ने उन्हें बताया था कि प्रदर्शन में शामिल लोग छात्र नहीं लग रहे हैं और अगले दिन ही हिंसा में वह घायल हो गए।पुलिस पर गमलों-जूतों से हमला सीमा नाम की महिला ने बताया कि उनके पति दिल्ली पुलिस में एएसआई हैं। उन्होंने कांस्टेबल के पद और ज्वाइन किया था, अब एएसआई हैं। जंतर-मंतर के दौरान प्रोटेस्ट में उनकी ड्यूटी थी। 20 जुलाई को वो घर से जल्दी ही निकल गए थे। 11 बजे के आसपास उन्होंने बताया, “आज जंतर मंतर पर भीड़ ज्यादा है और प्रोटेस्टर संसद के लिए मार्च कर रहे हैं। मैंने यही कहा आप अपना ख्याल रखें। शाम को 7 बजे उनको फोन मिलाया तो वो एलएनजेपी अस्पताल में एडमिट थे, ट्रीटमेंट करा रहे थे। भीड़ उग्र हो गई थी, उनमें शरारती तत्व शामिल हो गए थे। पुलिस फोर्स पर गमलों से और जूतों से पत्थर से हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। ये सब सुनकर मैं घबरा गई, जब तक वो घर नहीं आए, मैं बहुत दर्द में थी

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