सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने नोरा फतेही को समन भेजा

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लेकिन उन्हें इस बात की दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 200 करोड़ रुपये की रंगदारी के मामले में एक्ट्रेस नोरा फतेही को फिर से समन जारी किया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान उनके वकील को फटकार लगाते हुए कहा कि नोरा का बर्ताव ठीक नहीं है और कोर्ट को हल्के में मत लीजिए। कोर्ट ने कहा कि नोरा इस मामले में अभियोजन पक्ष की गवाह हैं और उन्हें सबूत दर्ज कराने के लिए अदालत में मौजूद रहना चाहिए था। विशेष न्यायाधीश गगनदीप सिंह ने उन्हें 6 नवंबर को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। इससे पहले नोरा की ओर से पेश वकील ने अदालत में व्यक्तिगत पेशी से छूट देने की अर्जी लगाई थी। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और कहा कि गवाह होने के नाते उन्हें अदालत में आना चाहिए था। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि नोरा फतेही को समन भेजा गया था, लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि वह पेश होंगी या नहीं। इसके बाद नोरा के वकील ने उनकी ओर से छूट की मांग की। कोर्ट ने वकील से पूछा कि नोरा को समन कब भेजा गया था। इस पर वकील ने बताया कि उन्हें 29 अक्टूबर को इसकी जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद उनके अदालत में पेश नहीं होने पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। अदालत ने साफ कहा कि न्यायिक प्रक्रिया को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। नोरा को इस मामले में अभियोजन पक्ष की गवाह के तौर पर अपना बयान दर्ज कराना है। इससे पहले भी उन्हें इस मामले में जांच एजेंसियों ने पूछताछ के लिए बुलाया था। 200 करोड़ की रंगदारी वसूलने का मामला

यह मामला ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जिस पर दिल्ली की रोहिणी जेल में बंद रहने के दौरान करीब 200 करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने का आरोप है। आरोप है कि सुकेश ने खुद को केंद्र सरकार का सीनियर अधिकारी बताकर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह से पैसे ऐंठे थे। शिविंदर मोहन सिंह दवा कंपनी रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर हैं। बताया गया है कि 2020-21 के दौरान सुकेश ने अदिति सिंह से उनके पति को जेल से बाहर निकलवाने का भरोसा दिया था। इसके बदले उसने उनसे बड़ी रकम मांगी थी। नोरा फतेही का नाम केस में कैसा आया

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इस रंगदारी मामले की जांच की थी। पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (MCOCA) के तहत आरोपपत्र भी दाखिल किया है। जांच के दौरान नोरा फतेही से सुकेश चंद्रशेखर और उसकी पत्नी लीना मारिया पॉल से कथित संबंधों को लेकर पूछताछ की गई थी। पुलिस ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत उनका बयान भी दर्ज किया था। बाद में जांच एजेंसी ने पूरक आरोपपत्र में उन्हें अभियोजन पक्ष का गवाह बनाया। पूछताछ में नोरा ने जांचकर्ताओं को बताया था कि सुकेश से उनकी बातचीत उसकी पत्नी के जरिए होती थी।

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