ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार (20 सितंबर) को कानपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को शुक्रिया कहा. उन्होंने एक मुलाकात के किस्से का जिक्र किया. ओवैसी ने इस दौरान बताया कि कैसे गडकरी ने उनके पांच विधायकों की बात को सुना और पूरा समय दिया. उन्होंने इस दौरान उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार को भी घेरा.
ओवैसी ने कहा, ‘बिहार में हमारे पांच विधायक जीते. जीत के बाद वे नितिन गडकरी से मिले. मैं उनको भी धन्यवाद कहना चाहता हूं. उन्होंने 45 मिनट तक बैठकर 5 विधायकों की बात सुनी. पूरे जितने पुल थे, जो अंडरपास बनाने थे, हमारे सामने सब कुछ सुना. मैंने नितिन गडकरी से कहा कि सर जरा फोन लगाकर आप सेंसन कर दीजिए. उन्होंने कहा ठीक है. नितिन गडकरी ने वहीं पर फोन लगाकर कहा कि जल्दी काम शुरू कर दो. ये मजलिस वाले मेरे घर पर आकर बैठे हैं.’
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अगला चुनाव बिल्कुल अलग होगा – ओवैसी
उन्होंने आगामी चुनाव का जिक्र करेत हुए कहा, ‘विधानसभा चुनाव आने वाले हैं. यह न तो 2014 का चुनाव होगा, न 2017 का, न 2019 का और न ही 2022 का. यह बिल्कुल अलग चुनाव होने वाला है. यह बहुत अलग और चुनौतीपूर्ण चुनाव होगा क्योंकि BJP ने अपने किए वादे पूरे नहीं किए हैं. जब समाजवादी पार्टी सत्ता में थी, तो ‘Y’ आम बात थी. अब यहाँ ‘T’ आम बात है, और इसके अलावा, शासन व्यवस्था अच्छी नहीं है. आप कानून के शासन और उचित प्रक्रिया का मनमाना उल्लंघन देख रहे हैं.’
गरीबों की छीन ली गई जमीन – ओवैसी
ओवैसी ने कहा, ‘BJP के शासन में कई गरीबों की जमीन छीन ली गई है. इसलिए, विकास से जुड़े कई मुद्दे हैं. बिजली एक बहुत बड़ा मुद्दा है. कोई फर्क नहीं है. पहले समाजवादी पार्टी की सरकार में एक अलग तरह की गुंडागर्दी होती थी. कोई और उसे करता था. अब उनकी सरकार में एक अलग तरह की गुंडागर्दी हो रही है. यह किसी के लिए भी आसान चुनाव नहीं होगा.’
उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में यह एक अलग तरह का चुनाव होने वाला है. राम मंदिर में हेराफेरी के मामले की SIT रिपोर्ट जनता के सामने क्यों नहीं लाई जा रही है? सरकार इसे जारी क्यों नहीं करती? और उन लोगों को जमानत क्यों मिल रही है? उन्हें ज़मानत कैसे मिल रही है? यह अजीब है. यह भी चर्चा का एक बड़ा मुद्दा होगा.
रत्नाकर पाण्डेय एक डायनामिक मीडिया प्रोफेशनल हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 10 साल से ज़्यादा का अनुभव है. वे खबरों को साफ, सटीक और असरदार तरीके से पेश करने में माहिर हैं. नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों के साथ-साथ उन्हें स्पोर्ट्स की गहरी समझ है. वे खेल से जुड़ी खबरें और एनालिसिस को आसान और दिलचस्प भाषा में लिखते हैं, जिससे पाठक सीधे जुड़ाव महसूस करते हैं.
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