रायबरेली। रायबरेली स्थित इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्रीज लिमिटेड (ITI) परिसर की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले सुरक्षाकर्मियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पूर्व सैनिक संस्थान की सुरक्षा एजेंसी के माध्यम से तैनात इन जवानों को पिछले 5 महीने से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने परिवार के पालन-पोषण का संकट गहरा गया है।
अधिकारियों और कर्मचारियों के दावों में विरोधाभास
- सुरक्षा अधिकारी का पक्ष: सुरक्षा अधिकारी पीडी मिश्रा के अनुसार, ITI प्रशासन द्वारा फंड जारी न किए जाने की वजह से सुरक्षाकर्मियों के वेतन का भुगतान रुका हुआ है।
- सुरक्षाकर्मियों का आरोप: वहीं ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी अनिरुद्ध कुमार पांडे और मनोज कुमार ने सीधा आरोप लगाया है कि ITI प्रबंधक रमेश चंद्र यादव द्वारा जानबूझकर उनका वेतन रोका गया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल
जिस राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण संस्थान की चाक-चौबंद सुरक्षा का जिम्मा इन जवानों के कंधों पर है, वहीं के कर्मियों को मूलभूत अधिकारों के लिए तरसना पड़ रहा है। बच्चों की स्कूल फीस, राशन और दवाइयों के खर्च के लिए जवान दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
प्रशासनिक हीलाहवाली के चलते सुरक्षाकर्मियों में भारी आक्रोश है। अब देखना यह होगा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जिम्मेदार अधिकारी कब तक फंड रिलीज कर इन जवानों की सुध लेते हैं।



























































