भारत के बंदरगाहों की सुरक्षा में बड़ा सुधार — सीआईएसएफ को मिला RSO का दर्जा”

0
191

रायबरेली : भारत सरकार ने देश के बंदरगाह सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय ISPS कोड के तहत CISF को मान्यता प्राप्त सुरक्षा संगठन यानी Recognised Security Organisation (RSO) घोषित कर दिया है। यह फैसला भारत की ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने और बंदरगाह आधारित विकास को तेज करने की राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा है।

यह निर्णय सितंबर 2024 में गठित CISF और DG Shipping की संयुक्त समिति की रिपोर्ट के बाद लिया गया। समिति ने देश के सभी बंदरगाहों की सुरक्षा का विस्तृत अध्ययन किया, खामियों की पहचान की और सुधार के कई सुझाव दिए।

नई जिम्मेदारी के तहत अब CISF देशभर में Port Facility Security Assessment (PFSA) करेगा और बंदरगाह मंत्रालय व DG Shipping के दिशानिर्देशों के अनुसार Port Facility Security Plan (PFSP) तैयार करेगा। यह कदम खासतौर पर छोटे बंदरगाहों में वर्षों से चली आ रही सुरक्षा कमियों को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

समिति ने एक हाइब्रिड सुरक्षा मॉडल अपनाने की भी सिफारिश की है। इस मॉडल के तहत देश के प्रमुख EXIM बंदरगाहों पर मुख्य सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF संभालेगी, जबकि ट्रैफिक मैनेजमेंट, गेट कंट्रोल और अन्य सहायक सुरक्षा कार्य स्टेट पुलिस, CIF या प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियां करेंगी। यह बहु-स्तरीय प्रणाली सुरक्षा में एकरूपता, जवाबदेही और दक्षता बढ़ाने में मदद करेगी।

सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने के लिए CISF और DG Shipping ने मिलकर एक विशेष बंदरगाह सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम भी विकसित किया है। मुंबई और चेन्नई में पायलट प्रशिक्षण सत्र सफलतापूर्वक पूरे किए गए हैं। जल्द ही एक विशेष प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की योजना है ताकि बंदरगाह सुरक्षा कर्मियों को एक समान और प्रमाणित प्रशिक्षण दिया जा सके।

सरकार का मानना है कि यह कदम भारत के बंदरगाहों को अधिक सुरक्षित बनाएगा और देश की लॉजिस्टिक क्षमता, समुद्री व्यापार और ब्लू इकोनॉमी को नई गति देगा।

LEAVE A REPLY