रायबरेली : सखी वन स्टॉप सेंटर, रायबरेली ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और मानवीयता का परिचय देते हुए एक वृद्ध महिला को उसके परिवार से मिलाकर समाज में मानवीय मूल्यों का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी जयपाल वर्मा ने बताया कि लगभग 60 वर्षीया एक वृद्ध महिला को डायल 112 की टीम द्वारा सखी वन स्टॉप सेंटर में अल्पावास हेतु लाया गया था। महिला मानसिक रूप से व्याकुल और भयभीत थी। केंद्र की टीम ने पहले उन्हें जलपान कराया और विश्वास दिलाया कि वे सुरक्षित स्थान पर हैं। इसके पश्चात उन्हें अल्पावास की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
काउंसलिंग के दौरान महिला ने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं और वे अपने बेटे के साथ रायबरेली में रह रही थीं, लेकिन किसी कारणवश रास्ता भटक गईं। चूंकि वे सटीक पता बताने में असमर्थ थीं, इसलिए सेंटर मैनेजर आस्था ज्योति, काउंसलर श्रद्धा सिंह व उनकी टीम ने अथक प्रयास कर सोशल मीडिया के माध्यम से महिला के परिजनों से संपर्क साधा। प्रयास सफल रहा और शीघ्र ही महिला के बेटे का पता चल गया।
जब बेटा अपनी मां से मिलने केंद्र पहुंचा, तो दोनों की आंखें खुशी के आंसुओं से भर आईं। बेटा ने भावुक होकर जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। नियमानुसार पहचान व पुष्टि के बाद महिला को उनके बेटे व परिजनों के सुपुर्द किया गया।


























































