डीएम की अध्यक्षता में ओ.डी.ओ.पी./ओ.डी.ओ.सी. योजना की समीक्षा बैठक संपन्न

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रायबरेली : जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में ओ.डी.ओ.पी./ओ.डी.ओ.सी. योजना की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
बैठक जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी स्टेकहोल्डर्स/उद्यमियों का परिचय प्राप्त किया गया। तदोपरांत उपायुक्त उद्योग द्वारा ओडीओपी/ओडीओसी योजना के सम्बन्ध मे विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि ओडीओपी मार्जिन मनी योजना के अंतर्गत जनपद के चयनित ओडीओपी उत्पाद काष्ठ कला से संबंधित इकाई स्थापित करने पर रु. 25.00 लाख तक की कुल परियोजना लागत परियोजना लागत का अधिकतम 25% सब्सिडी देय है। रु.25.00 लाख से अधिक एवं रु. 50.00 लाख तक की परियोजना लागत पर परियोजना लागत का अधिकतम 20% सब्सिडी देय है। रु. 50.00 लाख से 150.00 लाख तक की परियोजना लागत पर परियोजना लागत का अधिकतम 10% सब्सिडी के रूप में देय है। ओडीओपी विपणन प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत प्रादेशिक/राष्ट्रीय एवं अंतर्रराष्ट्रीय स्तर के मेलों/ प्रदर्शनियों में ओडीओपी/ ओडीओसी योजना के उद्यमियों द्वारा प्रतिभाग किये जाने पर स्टाल चार्जेज का अधिकतम 75% रु. 50,000 से लेकर अधिकतम रु. 2.00 लाख की धनराशि की प्रतिपूर्ति की जाती है। उक्त के अतिरिक्त ओडीओसी योजना के अंतर्गत जनपद के चयनित उत्पाद मसाले एवं संभावित चयनित उत्पाद पेड़ा एवं जलेबी की इकाइयां स्थापित करने पर रु. 25.00 लाख तक की परियोजना लागत पर परियोजना लागत का अधिकतम 25% सब्सिडी के रूप में देय है। से रु. 25-50 लाख की परियोजना लागत पर परियोजना लागत का अधिकतम 20% सब्सिडी के रूप में देय है। 50-150 लाख तक की परियोजना लागत पर परियोजना लागत का 10 % अथवा रु. 10.00 लाख जो भी अधिक हो सब्सिडी के रूप में देय है। 150 लाख से अधिक की परियोजना लागत पर परियोजना लागत का 10% अथवा अधिकतम 50 लाख जो भी अधिक हो सब्सिडी के रूप में देय है। ओडीओपी /ओडीओसी योजना में स्वयं का अंशदान सामान्य श्रेणी के लाभार्थी हेतु परियोजना लागत का 10 प्रतिशत/अ.जा./अ.ज.जा./अ.पि.व., महिला एवं दिव्यांग श्रेणी के लाभार्थियों हेतु कुल परियोजना लागत का 05 प्रतिशत है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के ओडीओपी/ओडीओसी उत्पाद की उत्कृष्ठ पैकेजिंग एवं मूल्य संवर्धन पर जोर देते हुए उपायुक्त उद्योग एवं निफ्ट, रायबरेली से आये हुए संयुक्त निदेशक अमिताभ चौधरी एवं परियोजना समन्वयक भार्गवी कुमार अय्यर को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया। निफ्ट के संयुक्त निदेशक अमिताभ चौधरी एवं परियोजना समन्वयक भार्गवी कुमार अय्यर द्वारा जनपद के ओडीओपी/ओडीओसी उत्पाद के बेहतर ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग हेतु उसका लोगो डिजाइन करने को जरूरी बताते हुए उत्पाद की मार्केट स्ट्रेटेजी, कंज्यूमर कास्ट को सम्मिलित करते हुए उत्पाद की रिसर्च डायग्रोसिस सम्बन्धी रिपोर्ट तैयार करने का सुझाव दिया गया एवं उत्पादों की ऑनलाइन उपस्थिति हेतु विस्तृत कार्य योजना करने एवं उसमें गूगल एवं क्यूआर कोड को सम्मिलित करने का सुझाव दिया गया ताकि लोग जनपद के काष्ठकला उत्पादों एवं मसाले पेड़ा जलेबी को ऑनलाइन खरीद सकें। अमिताभ चौधरी द्वारा उत्पादों की हेरिटेज स्टोरीटेलिंग का सुझाव दिया गया। निफ्ट के अधिकारियों द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि आवश्यकतानुसार निफ्ट द्वारा ओडीओपी/ओडीओसी के उद्यमियों को पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग का प्रशिक्षण दिया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि वह जनपद में आने वाले अतिथियों को जनपद के स्थानीय ओडीओसी/ओडीओपी के उत्पादों को भेंट करें एवं बाहर जाने पर भी स्थानीय ओडीओपी/ओडीओसी उत्पाद साथ ले जाएँ ताकि उक्त उत्पादों को एक विशिष्ट पहचान मिल सके।
जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को ओडीओसी/ओडीओपी के अंतर्गत इकाई संचालित करने वाले उद्यमियों के साथ एम.ओ. यू. हस्ताक्षरित करने के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता, उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्य सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी, आई.आई.ए. अध्यक्ष उदित आजाद, लघु उद्योग भारती से सुशील गुप्ता एवं प्रदेश सचिव लघु उद्योग भारती सुरेश गुप्ता सहित योजना के स्टेक होल्डर्स व बड़ी संख्या में उद्यमी/हस्तशिल्पी उपस्थित रहे।

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