औद्यानिक फसलों के निर्यात प्रोत्साहन हेतु कार्यशाला का आयोजन

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रायबरेली : जनपद के बागवानी उत्पादक कृषकों एवं आम निर्यातकों, एफ०पी०ओ०, एफ०पी०सी० हितधारकों को बागवानी से सम्बन्धित फसलों के निर्यात के सन्दर्भ में आवश्यक जानकारी प्रदान करने तथा एपीडा के हॉर्टिनेट पर आम एवं अन्य औद्यानिक फसलों से सम्बन्धित निर्यातकों, एफ.पी.ओ., एफ. पी.सी. आदि का रजिस्ट्रेशन कराये जाने हेतु आज कृषि विज्ञान केन्द्र, दरियापुर में क्षेत्रीय एपीडा के अधिकारियों के साथ कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर एपीडा के क्षेत्रीय अधिकारी आलोक मिश्र द्वारा कृषकों को हॉर्टिनेट पर पंजीकरण प्रक्रिया, निर्यात के तरीके आदि के बारे में विस्तार से बताया गया, डा०के०के० सिंह अध्यक्ष कृषि विज्ञान केन्द्र दरियापुर, राही द्वारा निर्यात की जाने वाली फसलों के मानक के बारे में बताया गया, डॉ० कविता एवं डा० एच०एस० पाण्डेय, वैज्ञानिक सी०एस०आई०आर द्वारा बताया गया कि अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात की जाने वाली फसलों में रासायनिक कीटनाशकों एवं उर्वरकों का प्रयोग अंश तय सीमा तक ही किया जाना चाहिए, जैविक विधि से खेती को अधिक से अधिक अपनाना चाहिए, उक्त के साथ ही ‘‘पर ड्रॉप मोर कॉप’’ माइक्रो इरीगेशन योजनान्तर्गत कृषकों के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ० जय राम वर्मा द्वारा कृषकों को मिनी स्प्रिंकलर, ड्रिप इरीगेशन से होने वाले फायदे के बारे में बताया गया कि किस प्रकार नवीनतम तकनीकी को अपनाकर फसल की उपज एवं आय में वृद्धि कर सकते हैं एवं अन्य विभागीय योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। के०वी०के०, दरियापुर राही के वैज्ञानिक डॉ० एस०बी० सिंह एवं डा० आर०के० कन्नौजिया द्वारा कृषकों को विभिन्न प्रकार की खेती की नवीनतम तकनीकी जानकारी दी गयी एवं बताया गया कि मिट्टी का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर ही फसल एवं रिपोर्ट के अनुसार उर्वरकों/पोषक तत्वों का उपयोग किया जाना चाहिये।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र, दरियापुर राही के वरिष्ठ वैज्ञानिक, एपीडा के क्षेत्रीय अधिकारी, सी०एस०आई०आर० के वैज्ञानिक, जिला उद्यान अधिकारी रायबरेली, उद्यान विभाग के कर्मचारी एवं 100 से अधिक कृषक उपस्थित रहे।

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