निःशुल्क कोचिंग और अभ्युदय योजना से तैयार हुए अभ्यर्थी
विमल कुमार बने ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर, यू0पी0एस0सी0-2025 में भी हासिल की 107वीं रैंक
हर्ष कुमार सिंह बने डिप्टी एसपी, संदीप वर्मा ने सांख्यिकी अधिकारी बनकर बढ़ाया मान
रायबरेली : हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी प्रतिभाशाली युवा आर्थिक अभाव के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और निःशुल्क कोचिंग के माध्यम से हम युवाओं को समान अवसर दे रहे हैं। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर हमारे युवा किसी भी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं- असीम अरुण, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बीच भी सफलता हासिल करना आसान नहीं होता, लेकिन समाज कल्याण मंत्रालय की निःशुल्क कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से जुड़े अभ्यर्थियों ने यह कर दिखाया है। कोचिंग और योजना से मिले मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञ शिक्षकों के सहयोग से रायबरेली के हर्ष कुमार सिंह, विमल कुमार और संदीप वर्मा ने उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा यू0पी0पी0सी0एस0-2024 परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने सपनों को साकार किया। गौरतलब है कि विमल कुमार ने निःशुल्क कोचिंग के माध्यम से ही यू0पी0एस0सी0-2025 में भी 107 वीं रैंक प्राप्त कर प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया।
निःशुल्क कोचिंग से मिली नई दिशा
गौरतलब है कि समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में संचालित निशुल्क आवासीय कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत प्रदेश भर में परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण के नेतृत्व में इन केंद्रों ने प्रतिभाशाली युवाओं को वह मंच दिया है, जिससे वे अपने सपने साकार कर रहे हैं।
हॉस्टल से लेकर लाइब्रेरी तक की सुविधा
भागीदारी भवन के संयुक्त निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभावान अभ्यर्थियों को कोचिंग सत्र के दौरान अभ्यर्थियों को निरूशुल्क हॉस्टल, भोजन, लाइब्रेरी और नियमित कक्षाओं की सुविधा बिल्कुल मुफ्त मिलती है। इसके साथ ही विषय विशेषज्ञ नियमित रूप से क्लास लेते हैं और मुख्य परीक्षा पर फोकस करते हुए उत्तर लेखन का अभ्यास, मॉडल टेस्ट करवाए जाते हैं। वहीं अभ्युदय योजना प्रदेश के 75 जिलों में 166 प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिसके तहत विद्यार्थियों को यूपीएससी, यू0पी0पी0एस0सी0, जे0ई0ई, नीट, एन0डी0ए0, सी0डी0एस0 जैसी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं की तैयारी निःशुल्क करवाई जाती है।






























































