दुग्ध उत्पादक किसानों ने जिलाधिकारी को सौंपा मांग-पत्र

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रायबरेली : अधिवक्ता विश्वास द्विवेदी के नेतृत्व में पी.सी.डी.एफ. कोआपरेटिव फेडरेशन दुग्ध संघ रायबरेली (पराग डेरी) के दुग्ध उत्पादक किसानों ने वित्तीय वर्ष वर्ष 2022-23 एवं वर्तमान 2025-26 के नये भुगतान लगभग 1 करोड़ रूपये दिये जाने के बाबत एक मांग-पत्र उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ को सम्बोधित जिलाधिकारी हर्षिता माथुर को सौंपा। दिये गये मांग-पत्र में दुग्ध उत्पादक किसानों ने अपनी व्यथा प्रकट करते हुए कहा कि दुग्ध संघ के अन्तर्गत संचालित दुग्ध अवशीतलन केन्द्र (बी.एम.सी.) कीरतपुर चरूहार, हसनापुर व चकबल्लीहार से हजारों किसान जुड़े हुए हैं, जिनकी आजीविका का एकात्र आधार यही दुग्ध व्यवसाय ही है। दुग्ध व्यवसाइयों ने खेद प्रकट करते हुए कहा कि इन केन्द्रों से सम्बद्ध लाखों का वित्तीय वर्ष 2022-23 का पुराना बकाया एवं वर्तमान वर्ष 2025-26 का नया भुगतान, दोनों मिलाकर कुल लगभग एक करोड़ रूपये विभाग द्वारा लम्बित रखा गया है। भुगतान न होने की दशा में हमारे समक्ष गहरा आर्थिक संकट व्यापत है, लगभग एक करोड़ की भरी राशि होने से हजारों किसान परिवारों के समक्ष बच्चों पढ़ाई, पशुओं के चारे और दैनिक खर्चो का गम्भीर संकट खड़ा हो गया है। भुगतान न होने से उत्पादकों और समिति सचिवों के बीच आए दिन विवाद हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र की शांति भंग होने की सम्भावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। जिलाधिकारी ने दुग्ध उत्पादक व्यवसाइयों की समस्या को सुना एवं अविलम्ब कार्यवाही किये जाने एवं सम्बन्धित को ज्ञापन पहुँचाने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से आनन्द दीक्षित एडवोकेट, बीमसी सचिव रमेश कुमार, रामानुज, सतीश यादव, विकास कुमार, आशुतोष पाल, अरविन्द चौधरी एडवोकेट, लोधवारी सचिव, केशन तिवारी आदि किसान उपस्थित रहे।

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