उन्नाव : रश्मिपुंज साहित्यानुरागी संस्थान एवं अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था, दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में कविसम्मेलन परंपरा के जनक आचार्य पं. गया प्रसाद शुक्ल ‘सनेही’ जी एवं साहित्य प्रेमी हरबिंदर सिंह लबाना जी की पावन स्मृति में 24 दिसंबर 2025, बुधवार को उन्नाव स्थित राघव रिसोर्ट में काव्योत्सव सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सदर विधायक आदरणीय पंकज गुप्ता द्वारा माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न प्रांतों से आए कवि एवं कवयित्रियों ने अपनी सशक्त रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
काव्य पाठ करने वाले प्रमुख कवियों में जय रमन बाजपेई, ज्ञानेन्द्र प्रकाश, राहुल कश्यप, सागर कानपुरिया, विशाल श्रीवास्तव, प्रियांशु पाण्डेय, प्रदीप, विपिन गुप्ता, शिवम द्विवेदी, दीपेन्द्र दीप, शिवांश शुक्ल सरस, आयुष यादव, अमन उन्नावी, आशुतोष तिवारी, प्रशांत द्विवेदी ‘मृदुल’, अनुभव अज्ञानी, रज्जन राघव, कृतार्थ पाठक, मृत्युंजय देव, तेजस्वी अवस्थी, दिव्यांशु तिवारी, शुभम तिवारी, सलोनी पटेल, ओम जी द्विवेदी, संजय सरस, राम किशोर मस्ताना, गगनायल तिवारी, वंदना ओझल, पुष्पेन्द्र पुष्प, प्रिया श्रीवास्तव, अशोक शास्त्री, मनीष तिवारी ‘सरल’, अरुण तिवारी ‘गोपाल’, त्रिशिका धरा सहित अनेक साहित्य साधक शामिल रहे।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मुन्ना सिंह (सभासद), समीर शुक्ल (मीडिया प्रभारी), विजय त्रिपाठी (स्वागत अध्यक्ष) एवं रंजीत अवस्थी (स्वागत मंत्री) उपस्थित रहे और सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. गोविन्द गजब ने मंच संचालन करते हुए कवियों का उत्साहवर्धन किया। राष्ट्रीय महासचिव करुणा कलिका ने कवियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्य सलाहकार आदरणीय सनेही शैलेन्द्र मोहन शुक्ल ने सभी अतिथियों व साहित्यकारों का तहेदिल से स्वागत किया। साथ ही राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डाॅ. शैलजा दुबे, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सतीश सिंह, राष्ट्रीय संयोजक डाॅ. संतोष दीक्षित एवं जिलाध्यक्ष संदीप शरारती ने साहित्य साधकों को शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर संस्था में नई नियुक्तियाँ भी की गईं, जिनमें प्रशांत द्विवेदी ‘मृदुल’ (उन्नाव जिलाध्यक्ष), राहुल कश्यप (जिलाध्यक्ष, फतेहपुर), ज्ञानेंद्र प्रकाश (जिला महासचिव, फतेहपुर), चैतन्य चेतन (जिलाध्यक्ष, बरेली) एवं विनय शुक्ला मंगल (जिलाध्यक्ष, अयोध्या) शामिल हैं।
सभी आयोजकों एवं साहित्य प्रेमियों के अथक प्रयासों से यह काव्योत्सव साहित्यिक गरिमा और सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचा।


























































