सहभागिता और सहयोग के साथ सफल बनाये सर्वजन दवा सेवन अभियान को: सीएमओ
10 अगस्त से 28 अगस्त तक चलेगा फाइलेरिया उन्मूलन (आईडीए) अभियान
15.51 लाख लोगों को फाइलेरियारोधी दवा खिलाने का लक्ष्य
8.27 लाख बच्चों को दी जाएगी पेट के कीड़ों की दवा एल्बेंडाजोल
सीफार के सहयोग से हुआ मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन
रायबरेली : फाइलेरिया जैसी गंभीर व लाइलाज बीमारी से बचाव के लिए जिले में 10 अगस्त से 2 सितंबर तक सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत आठ ब्लॉकों में 15.51 लाख पात्र लोगों को फाइलेरियारोधी दवा (आईवरमेक्टिन, डीईसी, एल्बेंडाजोल) का सेवन कराया जाएगा। वहीं, 11 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) के तहत 11 ब्लॉकों और शहरी क्षेत्र में एक से 19 वर्ष के 8.27 लाख बच्चों को पेट के कीड़ों की दवा एल्बेंडाजोल दी जाएगी।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए आज एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) के सहयोग से मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने कहा कि “फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलने वाला एक गंभीर रोग है, जो कई वर्षों तक शरीर में छुपा रहता है और बाद में हाथीपांव, अंडकोष या ब्रेस्ट में सूजन जैसे लक्षणों के रूप में सामने आता है। इसलिए दवा सेवन जरूरी है, भले ही लक्षण न दिखें।”
अभियान की प्रमुख बातें:-
आईडीए अभियान- 10–28 अगस्त तक आठ ब्लॉक – बछरावां, बेला-भेला, डीह, हरचंदपुर, जटुआटप्पा, खीरों, महाराजगंज, सलोन में चलेगा।
एनडीडी- 11 अगस्त को अमावां, डलमऊ, दीनशाह गौर, छतोह, लालगंज, जगतपुर, रोहनियां, सरेनी, शिवगढ़, ऊंचाहार व शहरी क्षेत्र में चलाया जाएगा।
टीमें 1482 टीमें, 283 पर्यवेक्षक, एवं पाथ, सीफार, पीसीआई जैसी संस्थाएं निगरानी व जनजागरूकता में सहयोग करेंगी।
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. श्रीकृष्णा ने बताया कि “दवा सेवन के बाद हल्का जी मिचलाना, चक्कर आना सामान्य प्रतिक्रिया है, इससे डरने की जरूरत नहीं है। यह शुभ संकेत है कि दवा शरीर में काम कर रही है।”
जिला मलेरिया अधिकारी रमेश कुमार यादव ने बताया कि “फाइलेरिया के लक्षण 10–15 साल बाद सामने आते हैं, तब तक इलाज कठिन हो जाता है। इसलिए अभी दवा खा कर अपने को सुरक्षित कर लें और फाइलेरिया फैली उन्मूलन कार्यक्रम में सहयोग करें।”
सहयोगी संस्थाओं की भूमिका:
इस अभियान में तकनिकी सहयोग में पाथ और सामुदायिक जागरूकता के लिए पीसीआई व सीफार, संस्थाएं स्सह्योग कर रहीं हैं इसके अलावा समुदाय में स्तर पर पेशेंट स्टेकहोल्डर प्लेटफार्म सी एच ओ के नेतृत्व में जनजागरूकता फैला रहें हैं। जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों, ग्राम प्रधानों, कोटेदारों जैसे स्थानीय हितधारकों को भी जुड़े हुए हैं।
कार्यशाला में पेशेंट स्टेकहोल्डर प्लेटफॉर्म के सदस्य और फाइलेरिया रोगी अंबिका प्रसाद ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए अपील की कि “हमने कभी दवा नहीं खाई, इसलिए आज इस बीमारी के साथ जी रहे हैं। आप हमारी गलती न दोहराएं। जब घर बैठे दवा मिल रही है, तो उसका सेवन जरूर करें। इस अभियान में दवा सेवन कराने में वह आशा कार्यकर्ता का सहयोग करेंगे। कार्यक्रम में जिला मलेरिया अधिकारी ने पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया।
इस मौके जिला स्वास्थ्य शिक्षा और सूचना अधिकारी डी एस अस्थाना, डा अशोक कुमार,डीई आई सी मैनेजर नितेश जायसवाल, आयुष्मान आरोग्य मंदिर(आम) कसेहटी की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सी एच ओ ) पूर्णिमा बाजपेई और आम राही की गरिमा के अलावा पाथ, पीसीआई और सीफार संश्ताओं के प्रतिनिधि, पत्रकारगण, पीएसपी सदस्य कोटेदार शिवसागर प्रमुख रूप से मौजूद रहे।



























































