​यूपी के किसानों के लिए बड़ी खबर: MSP पर गेहूं बेचने के लिए अब ‘किसान पहचान पत्र’ अनिवार्य

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रायबरेली : उत्तर प्रदेश के खाद्य तथा रसद विभाग ने प्रदेश के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। नए निर्देशों के अनुसार, अब सरकारी केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की बिक्री करने के लिए किसानों के पास ‘किसान पहचान पत्र’ (Farmer ID) होना अनिवार्य होगा।
​शासन द्वारा यह कदम सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने और वास्तविक लाभार्थियों तक लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
​प्रमुख निर्देश और नई व्यवस्था
​विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, गेहूं की खरीद प्रक्रिया में अब ‘किसान पहचान पत्र’ को प्राथमिक दस्तावेज बना दिया गया है। आदेश की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
​अनिवार्य पात्रता: केवल वही किसान सरकारी केंद्रों पर अपना गेहूं बेच सकेंगे, जिनके पास वैध किसान पहचान पत्र है।
​तत्काल प्रभाव: यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
​सॉफ्टवेयर अपडेट: वर्तमान में खरीद सॉफ्टवेयर में तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं। जब तक पोर्टल पूरी तरह अपडेट नहीं हो जाता, तब तक केंद्र प्रभारी भौतिक रूप से पहचान पत्र की जांच कर खरीद सुनिश्चित करेंगे।
​सत्यापन प्रक्रिया: क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे किसान के पंजीकरण पत्र का मिलान उनकी ‘फार्मर आईडी’ से अवश्य करें और रिकॉर्ड के लिए इसकी एक छायाप्रति (फोटोकॉपी) सुरक्षित रखें।
​जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश
​खाद्य तथा रसद विभाग ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DMs) को पत्र भेजकर इस व्यवस्था को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का मानना है कि इस डिजिटल पहचान पत्र से बिचौलियों पर लगाम लगेगी और सीधे किसानों के खातों में भुगतान सुनिश्चित करना आसान होगा।
​किसानों के लिए सलाह: जिन किसानों ने अभी तक अपना ‘किसान पहचान पत्र’ नहीं बनवाया है, वे जल्द से जल्द संबंधित विभाग या पोर्टल के माध्यम से अपनी आईडी जनरेट करवा लें, ताकि गेहूं की फसल बेचने में उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

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