रायबरेली : ऊंचाहार क्षेत्र के ग्राम सभा सवैया हसन स्थित साधन सहकारी समिति छीटू सिंह पुरवा में मंगलवार को रासायनिक उर्वरक के वितरण के दौरान अव्यवस्था देखने को मिली। समिति में लगभग 500 बोरी फास्फोरस और एनपीके उर्वरक उपलब्ध था, परन्तु क्षेत्र के अधिक संख्या में किसानों की मौजूदगी के कारण यह मात्रा कम साबित हुई। जैसे ही वितरण शुरू हुआ, सुबह से ही सैकड़ों किसान समिति परिसर के बाहर इकट्ठा होने लगे, जिससे भारी भीड़ का माहौल बन गया।
किसानों की बढ़ती भीड़ से स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सचिव अनिल कुमार को वितरण व्यवस्था संभालने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई किसानों में इस बात को लेकर नाराजगी दिखाई दी कि लंबे इंतजार के बावजूद उर्वरक आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। भीड़ नियंत्रण के अभाव में कई स्थानों पर गहमा-गहमी की स्थिति बनती रही, जिसे शांत कराने में समिति कर्मचारियों को मशक्कत करनी पड़ी।
उर्वरक के लिए किसानों की होड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि समिति परिसर के बाहर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे मुख्य मार्ग पर आवागमन भी बाधित होता रहा। किसान बताते हैं कि खेती का उत्पादन उर्वरक पर निर्भर करता है, और समय पर खाद न मिलने से फसलों की वृद्धि प्रभावित होती है। इसलिए किसान सुबह से लेकर देर शाम तक लाइन में खड़े रहे, ताकि उन्हें आवश्यक उर्वरक मिल सके।
स्थानीय किसानों ने प्रशासन और सहकारी विभाग से मांग की है कि उर्वरक उपलब्धता बढ़ाई जाए और वितरण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जाए। किसान यह भी पूछ रहे हैं कि आखिर उनकी इन समस्याओं का समाधान कब होगा और उन्हें समय पर खाद की उपलब्धता कैसे सुनिश्चित की जाएगी।





























































