2️⃣ सख्त सुरक्षा, संवेदनशीलता और पेशेवरता—बिहार चुनाव में चमकी CISF की भूमिका
3️⃣ CISF की चौकस निगरानी से बिहार चुनाव 2025 निर्विघ्न सम्पन्न
4️⃣ CISF की दमदार तैनाती से बिहार में निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित
5️⃣ बिहार चुनाव 2025: CISF की सूझबूझ और सेवा भाव बनी पहचान
रायबरेली : सीआईएसएफ ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समावेशी बनाने में अहम भूमिका निभाई।
राज्यभर में की गई व्यापक तैनाती के दौरान CISF के जवानों ने सर्वोच्च स्तर की पेशेवरता, अनुशासन और संवेदनशीलता का परिचय दिया। बल द्वारा निभाई गई भूमिका ने “सुरक्षा और संरक्षण (Protection & Security)” के आदर्श वाक्य को चरितार्थ किया।
चुनाव के दौरान CISF ने मतदान केंद्रों और संवेदनशील स्थलों पर सशक्त सुरक्षा घेरा तैयार रखा।
स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की चेकिंग, निगरानी और तलाशी अभियानों में CISF ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।
सुरक्षा अभियानों के दौरान की गई प्रमुख बरामदगी में शामिल हैं—
37 देशी कट्टे
7 अन्य हथियार
116 जीवित कारतूस
₹1.82 करोड़ नगद
11.65 किलोग्राम गांजा
5590 लीटर अवैध शराब
इन सक्रिय और सख्त कदमों ने पूरे चुनावी माहौल को भयमुक्त, सुरक्षित और निष्पक्ष बनाए रखने में निर्णायक योगदान दिया।
सिर्फ सुरक्षा तक सीमित न रहते हुए CISF कर्मियों ने अपने मानवीय और सेवा भाव से भी विशेष पहचान बनाई।
वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग मतदाताओं और जरूरतमंद लोगों की सहायता कर उन्हें मतदान केंद्रों तक पहुँचाया और मतदान परिसर के भीतर सहज मार्गदर्शन किया।
उनके इस संवेदनशील व्यवहार ने गरिमा, सुगमता और समावेशन जैसे लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती दी, जिससे हर मतदाता आत्मविश्वास के साथ मतदान कर सका।
चुनाव में CISF की कुल 190 कंपनियां तैनात की गईं। इस चुनावी तैनाती की देखरेख पूर्वी खंड के महानिरीक्षक दीपक वर्मा ने की, जबकि अमित माथुर, उप महानिरीक्षक पटना, इस अभियान के नोडल अधिकारी रहे।
CISF की सतर्कता, सख्ती और संवेदनशीलता ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को पूर्णतः सुरक्षित, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने में ऐतिहासिक योगदान दिया।





























































