बिहार में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इस बीच पटना के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया

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प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है पटना में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे नदी के किनारे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और प्रशासन को राहत व बचाव की तैयारियों को और तेज करना पड़ा है। जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है, जबकि प्रशासनिक टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं और प्रभावित इलाकों का जायजा ले रही हैं। नदी का बढ़ता जलस्तर दियारा और अन्य निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। कई निवासी अपने घरों और सामान की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। बिहार के 11 जिलों में 19 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर बाढ़ के अहम निशान को पार करने के बाद अधिकारियों ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के बाद पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर ‘सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर’ (HFL) से ऊपर चला गया है, इसलिए अगले एक से तीन दिनों में राज्य की राजधानी में हाथीदह और उसके बाद के गेज स्टेशनों पर असर पड़ने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य की कई नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण 11 जिलों – पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया की 330 ग्राम पंचायतों में लगभग 19.57 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। जल संसाधन विभाग (WRD) की ओर से जारी ताजा एडवाइजरी के अनुसार, हाथीदह में गंगा का जलस्तर अपने पिछले HFL को भी पार कर सकता है, जिससे बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। इंजीनियरों से बाढ़-नियंत्रण के संसाधन और मशीनरी तैयार रखने को कहा गया है। प्रभावित इलाकों के लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी के पास न जाएं और सतर्क रहें। स्थानीय प्रशासन से नावों के संचालन पर नजर रखने, ओवरलोडिंग रोकने और निवासियों को स्थिति के बारे में जानकारी देते रहने के लिए भी कहा गया है।

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