राजस्थान में कांग्रेस ने युवाओं को जोड़ने के लिए ‘GenZ for Change’ कैंपेन शुरू किया है।

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कैंपेन को प्रदेश स्तर तक सीमित न रखते हुए जिला स्तर पर भी Gen-Z कमेटियों के गठन की तैयारी है। राजस्थान में आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनावों से पहले कांग्रेस ने युवाओं को साधने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म विभाग ने प्रोफेशनल Gen-Z कमेटी का ऐलान करते हुए ‘GenZ for Change’ कैंपेन की शुरुआत की है। पार्टी का फोकस खास तौर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े युवाओं और पहली बार राजनीतिक प्रक्रिया में सक्रिय हो रहे Gen-Z वर्ग पर है।

प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म विभाग के चेयरमैन सुमित भगासरा ने कहा कि Gen-Z युवाओं की समस्याओं और उनकी आकांक्षाओं को Gen-Z युवा ही बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। इसी सोच के साथ कैंपेन के जरिए युवाओं से सीधे जुड़ने और उनकी समस्याओं को राजनीतिक मंच तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।

AI वर्कशॉप से लेकर करियर काउंसलिंग तक

‘GenZ for Change’ कैंपेन के तहत युवाओं के लिए AI वर्कशॉप, स्किल डेवलपमेंट, करियर काउंसलिंग, इंटर्नशिप और डिजिटल एम्पॉवरमेंट जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा कंटेंट क्रिएटर्स को लीगल सपोर्ट उपलब्ध कराने की भी योजना है।

कांग्रेस का दावा है कि इन गतिविधियों के जरिए युवाओं को केवल राजनीतिक तौर पर जोड़ने के बजाय उनके करियर, डिजिटल स्किल और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी काम किया जाएगा।

जिला स्तर पर बनेंगी Gen-Z कमेटियां

कैंपेन को प्रदेश स्तर तक सीमित न रखते हुए जिला स्तर पर भी Gen-Z कमेटियों के गठन की तैयारी है। ये कमेटियां कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में युवाओं से सीधे संवाद करेंगी और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को प्रदेश कांग्रेस तक पहुंचाने का काम करेंगी। इस पहल के जरिए कांग्रेस डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ-साथ कैंपस स्तर पर भी युवाओं के बीच अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

एक्सपर्ट्स ने भी रखी युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बात

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान IITian डेटा एनालिस्ट मोहित कुमार, एडवोकेट अनिरुद्ध सिंह, SMS के डॉक्टर बंटी शर्मा और नेशनल प्लेयर पूजा चौधरी सहित Gen-Z प्रतिनिधियों ने युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।

कुल मिलाकर, आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनावों से पहले राजस्थान कांग्रेस का यह कदम युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक और डिजिटल पहुंच बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी अब Gen-Z वर्ग को मुद्दों और डिजिटल कैंपेन के जरिए जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ती नजर आ रही है।

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