प्राथमिक विद्यालय जमालनगर, मोहीद्दीनपुर में बाढ़ राहत चौपाल आयोजित

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रायबरेली 2026,
जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के निर्देश के क्रम में बाढ़ प्रभावित एवं संभावित बाढ़ प्रभावित ग्रामों में राहत चौपाल एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय जमालनगर, मोहीद्दीनपुर में राहत चौपाल आयोजित की गई। उप जिलाधिकारी डलमऊ प्रीति सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों को बाढ़ के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं, संभावित जोखिमों तथा बचाव एवं सुरक्षा उपायों के संबंध में जागरूक किया गया।
राहत चौपाल में जिला आपदा विशेषज्ञ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा बाढ़ के दौरान जलभराव, आवागमन, विद्युत सुरक्षा, बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छ पेयजल एवं स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। साथ ही ‘क्या करें–क्या न करें’ विषयक जागरूकता पोस्टर एवं प्रचार-प्रसार सामग्री के माध्यम से भी आवश्यक संदेश प्रसारित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान उप जिलाधिकारी द्वारा मोहीद्दीनपुर स्थित कच्चे पुल का भी निरीक्षण किया गया तथा बाढ़ की स्थिति को देखते हुए वहां आवागमन एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। इसके साथ ही जमालपुर एवं जमालनगर क्षेत्र में भी बाढ़ की स्थिति, जलभराव एवं आवागमन की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी पवन कुमार श्रीवास्तव, जिला आपदा विशेषज्ञ अंकित पांडेय, नायब तहसीलदार, ब्लॉक स्तरीय पशु चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक, आपदा विभाग के कार्मिक मनीष मिश्रा, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, आशा, सीएचओ एवं एएनएम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
बाढ़ के दौरान डूबने की घटनाओं से बचाव के संबंध में ग्रामीणों को विशेष रूप से जागरूक किया गया। लोगों को सलाह दी गई कि तेज बहाव वाले नदी-नालों, गहरे जल एवं जलमग्न क्षेत्रों में जाने से बचें, बच्चों को पानी के आसपास अकेला न छोड़ें तथा नाव से यात्रा करते समय निर्धारित सुरक्षा नियमों एवं लाइफ जैकेट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें। अज्ञात एवं गहरे पानी में तैरने, जलमग्न रास्तों से पैदल या वाहन से गुजरने तथा बिना प्रशिक्षित व्यक्ति के डूबते हुए व्यक्ति को बचाने के लिए पानी में उतरने से बचने की भी अपील की गई।
साथ ही बाढ़ के दौरान सर्पदंश की संभावनाओं को देखते हुए सर्पदंश से बचाव, सर्पदंश की स्थिति में क्या करें–क्या न करें तथा तत्काल चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करने के संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों द्वारा ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
सभी संबंधित विभागों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी, त्वरित राहत एवं बचाव व्यवस्था तथा आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में फ्लड पीएसी एवं राजस्व टीमों द्वारा घाटों तथा बाढ़ प्रभावित एवं संभावित बाढ़ प्रभावित ग्रामों में निरंतर निगरानी की जा रही है।
प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की गई है कि बाढ़ के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं, बच्चों का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना दें। आपात स्थिति में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 1070, जिला स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 077 एवं 0535-2204086 तथा तहसील स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 9415743517 पर संपर्क किया जा सकता है।

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