बड़ी खबर: उत्तर प्रदेश में सरकारी योजनाओं के लिए ‘किसान पहचान पत्र’ अनिवार्य, 15 अप्रैल तक चलेगा विशेष अभियान

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​रायबरेली। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ देने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए किसान पहचान पत्र (Farmer ID) को अनिवार्य कर दिया है। शासन की ओर से जारी ताजा निर्देशों के अनुसार, अब पीएम-किसान सम्मान निधि सहित कृषि, उद्यान और पशुपालन विभाग की सभी योजनाओं का लाभ लेने के लिए यह आईडी होना आवश्यक होगा।
​6 से 15 अप्रैल तक लगेंगे विशेष कैंप
​प्रदेश में वर्तमान में लगभग 75 प्रतिशत किसानों के पहचान पत्र तैयार किए जा चुके हैं। शेष बचे किसानों के लिए 6 से 15 अप्रैल, 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान गांव-गांव कैंप लगाकर किसानों की ‘फार्मर रजिस्ट्री’ की जाएगी और उनकी यूनिक आईडी बनाई जाएगी।
​इन योजनाओं के लिए आईडी होगी जरूरी:
​पीएम-किसान निधि: भविष्य में सम्मान निधि की किस्तें केवल उन्हीं को मिलेंगी जिनकी फार्मर आईडी बनी होगी।
​सस्ते बीज और खाद: खाद, बीज और कीटनाशकों पर मिलने वाली सब्सिडी के लिए इसे आधार बनाया जाएगा।
​सरकारी खरीद (MSP): गेहूं, धान, दलहन और सरसों की सरकारी केंद्रों पर बिक्री के लिए किसान पहचान पत्र का सत्यापन अनिवार्य होगा।
​सहकारी समितियां: मई 2026 से उर्वरकों का वितरण IFMS पोर्टल को एग्रीस्टैक से जोड़कर किया जाएगा, जिसमें फार्मर आईडी मुख्य दस्तावेज होगा।
​मई तक पूरी होगी प्रक्रिया
​कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि 1 मई, 2026 तक अपने पोर्टल को किसान पहचान पत्र के अनुसार अपडेट कर लें। वहीं अन्य सहयोगी विभागों (जैसे मत्स्य, पशुपालन और लघु सिंचाई) को 31 मई तक की समय सीमा दी गई है।
​अपील: सभी किसान भाई समय रहते अपने नजदीकी कैंप या संबंधित विभाग में जाकर अपना किसान पहचान पत्र बनवा लें, ताकि आगामी सीजन में खाद-बीज की खरीद और सरकारी योजनाओं के लाभ में कोई बाधा न आए।
​रिपोर्टर: विजय शुक्ला
KNS लाइव / क्षितिज प्रवाह

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