ऊंचाहार (रायबरेली): उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप अब प्रत्येक किसान की एक विशिष्ट डिजिटल पहचान होगी। इसके लिए ऊंचाहार तहसील के सभी 211 राजस्व गांवों में ‘फार्मर रजिस्ट्री कैंप’ का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष अभियान 6 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक चलेगा।
विषय वस्तु विशेषज्ञ एवं सहायक विकास अधिकारी (कृषि) शिव प्रसाद चौरसिया ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार आगामी 1 मई 2026 से उन्हीं किसानों को योजनाओं का लाभ मिलेगा जिनके पास ‘फार्मर आईडी’ होगी। इसमें पीएम किसान सम्मान निधि, उर्वरक, बीज, दवा, फसल बीमा और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।
अभियान की मुख्य बातें:
लक्ष्य: ऊंचाहार तहसील के कुल 211 गांवों में से अभी भी 8,230 किसानों की रजिस्ट्री शेष है, जबकि 45,087 किसान अपनी आईडी बनवा चुके हैं।
संयुक्त टीम: इस कार्य के लिए कृषि, राजस्व, पंचायती राज और ग्राम्य विकास विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कैंपों में लेखपाल, जनसेवा केंद्र प्रभारी, पंचायत सहायक और रोजगार सेवक उपस्थित रहेंगे।
जागरूकता टीम: ग्राम प्रधान, कोटेदार, आशा बहू, आंगनबाड़ी और समूह सखियों को किसानों को पंचायत भवन तक लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
फार्मर आईडी के लिए आवश्यक दस्तावेज:
किसानों को अपने नजदीकी पंचायत भवन में निम्नलिखित दस्तावेज साथ लाने होंगे:
आधार कार्ड
खतौनी की फोटोकॉपी
आधार से लिंक मोबाइल फोन (OTP के लिए)
राशन कार्ड नंबर या फैमिली आईडी
अधिकारियों की तैनाती: अभियान की निगरानी के लिए ब्लॉक स्तर पर खंड विकास अधिकारी (BDO) और तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी (SDM) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। प्रत्येक न्याय पंचायत पर भी ब्लॉक स्तर के अधिकारी तैनात किए गए हैं।
अपील: सहायक विकास अधिकारी कृषि ने सभी अवशेष किसानों से अपील की है कि वे 15 अप्रैल तक अपने गांव के पंचायत भवन पहुंचकर अपनी फार्मर आईडी अवश्य बनवा लें, ताकि भविष्य में सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में कोई असुविधा न हो।






























































