रायबरेली : टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत माई भारत वालंटियर अनुभवनात्मक शिक्षण कार्यक्रम (ELP) के पांचवें एवं अंतिम दिवस का प्रशिक्षण संपन्न हुआ। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम सिंह एवं जिला युवा अधिकारी वर्तिका सिंह के मार्गदर्शन में वालंटियर्स को ग्राम हैबतमऊ एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
डॉ. अनुपम सिंह ने कहा कि टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से टीबी के प्रति जागरूकता और समय पर जांच को बढ़ावा मिलेगा।
स्टेट स्तर से आईं विश्व स्वास्थ्य संगठन की डॉ. विजय कार्थे एवं टीएसयू के शैलेंद्र उपाध्याय ने वालंटियर्स के प्रशिक्षण एवं सीखने के स्तर का मूल्यांकन किया। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले वालंटियर्स को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक करुणा शंकर मिश्र ने कहा कि टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के लिए ग्राम पंचायत, स्वास्थ्यकर्मियों, युवाओं और आमजन की सामूहिक भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोई संभावित मरीज जांच से न छूटे और कोई टीबी मरीज उपचार बीच में न छोड़े, इसके लिए वालंटियर्स जागरूकता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाएं।
कार्यक्रम में जिला प्रोग्राम समन्वयक अभय मिश्रा, जिला पब्लिक प्राइवेट मिक्स समन्वयक मनीष श्रीवास्तव, जिला टीबी-एचआईवी समन्वयक अतुल कुमार सहित एनटीईपी स्टाफ मौजूद रहा। प्रशिक्षण को सफल बनाने में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर मौसमी, दिव्यांशु एवं रामबली का सराहनीय योगदान रहा। समापन पर वालंटियर्स ने टीबी मुक्त ग्राम पंचायत और टीबी मुक्त भारत के संकल्प को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
























































