एक से 19 साल के लगभग 15.61 लाख बच्चों, किशोर-किशोरियों को दवा खिलाने का लक्ष्य

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रायबरेली : एक से 19 साल तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमि मुक्ति की दवा एल्बेंडाजोल का सेवन कराने के लिए 10 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन होगा। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा अशोक रावत ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि बच्चों में पेट के कीड़े होना आम समस्या है। इसका मुख्य कारण होता है बिना धुले हुए कच्ची सब्जी और फलों का सेवन करना तथा नंगे पाँव घूमना। कृमि इतने छोटे होते हैं कि वह तलवों की त्वचा से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और बच्चा जो भी खाना खाता है। यह कृमि पोषक तत्वों को खा लेते हैं जिससे कि बच्चा कुपोषित रह जाता है, उसकी वृद्धि रुक जाती है। कुपोषित होने के कारण उसके अन्य बीमारियों की चपेट में आने की सम्भावना होती है।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डी एस अस्थाना ने बताया कि इसी को लेकर सरकार द्वारा साल में दो बार 10 फरवरी और 10 अगस्त को अभियान चलाकर कृमि मुक्ति की दवा खिलाई जाती है। इस अभियान में एक से 19 साल की आयु के लगभग 15.61 लाख बच्चों, किशोर-किशोरियों कि कृमि मुक्ति की दवा खिलाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि जो लोग 10 फरवरी को दवा सेवन से वंचित रह जायेंगे उन्हें 14 फरवरी को मॉप अप राउंड के दौरान दवा खिलाई जाएगी।
यह दवा सभी सरकारी, निजी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय के बच्चों को खिलाई जाएगी। जो बच्चे, किशोर-किशोरियां विद्यालय नहीं जाते हैं उन्हें आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से दवा खिलाई जायेगी।
इस मौके पर डॉ0 आर.एस. कुठार, अंजलि सिंह, विनय पाण्डे, नितेश जायसवाल, यूनिसेफ की जिला मोबलाइजर वन्दना त्रिपाठी, साहना जमीर, अंकित मौर्या तथा बड़ी संख्या में पत्र

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